घर वाकई स्वर्ग है

घर में घुसते ही पापा वाला खाली पलंग जब तक रुलाए तब तक माँ की मुझे देख चमकती आँखें मुस्कुराने पर मजबूर कर देती हैं और लगता है माँ में ही कहीं पापा भी बाहें फैलाए सीने से लगाने को बेचैन हैं

किसान आत्महत्या का खौफ़ उनके बच्चों के दिलो में

पिछले कुछ समय मे किसान बेबस हो आत्महत्या कर रहा है। मैंने इस कहानी के माध्यम से एक किसान परिवार की बच्ची का डर दिखाया है कि किस तरह से एक बेटी अपने पिता के लिए डरी हुई है कि कही वो भी आत्महत्या न कर ले।

अनोखी ममता

एक माँ की ममता से जुड़ी अविश्वसनीय कहानी.....रोमांचक वर्णन

THE WRITER

What does a writer need to write even if he has a choice to live in heaven after his death? Read this satire.

मुखर्जी नगर- सपनों का नगर

मुखर्जी नगर, दिल्ली में स्थित है, जो कि लोक प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु प्रसिद्ध है।

कौन हो तुम?

जवाब एक स्त्री का समाज के उन लोगों को जो बस उसे दबाना चाहते हैं।

किडनी के पत्थर

मनोशारीरिक भाव में “किडनी के पत्थर” उन आंसुओं का मूर्त रूप है जो समय पर बहे नहीं, जिन्हें हमने अपने भीतर दबा दिया? हमारे शरीर की उर्जा मनोशरीर से मुक्त नहीं हो पायी, उसने पथरी का आकर ले लिया, वह सख्त हो गयी l

कुछ पूछ लूं मां से

मां. ..जो जगत जननी है, जगत की पालनहार है, जो कभी नहीं थकती, आज उससे कुछ पुछने का मन हो रहा है, कैसे करती है वो ये सब! सुबह सबसे पहले उठकर रात सबसे बाद में सोना हर काम का याद रहना,कभी न हारना और हर पल मुस्कराना कैसे करती हो तुम मेरी मां 🙏🙏

Enough of this One Day

Why there is only One day comes in our life? Why not we do things until they bring changes? Until they bring justice. Until they bring Laws. Until they bring Peace.

इश्तहार

इश्तहार तीन दिन से लगातार हो रही बूंदाबांदी से बाजार में कीचड़ ही कीचड़ हो रहा है ग्राहकी तो दूर रहवासी भी दरवाजा खोलकर नहीं झांकते। ऐसे माहौल में ग्राहक का आना किसी देवदर्शन से कम सुख नहीं देता । लेकिन आनेवाले ग्राहक को देखकर बाई एकदम से ठस्स हो गई

बस इश्क़

ये बस इश्क़ है 😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊😊

"बस... उस पल का तुम इंतजार करना"

ये मेरे जीवन की पहली स्वरचित कविता है जिसे मैंने एक संदेशात्मक रूप में लिखा है या यूँ कहें कि ये मेरा पहला प्रेम पत्र है जिसे मैंने उस लड़की के लिए लिखा है जिससे मैं बेइंतेहा मोहब्बत करता हूँ

एक स्नेह यह भी.... ----

स्मृतियाँ कितनी विचित्र होती हैं.न चाहते हुए भी साथ नहीं छोड़ती . और अगर चाहो तो याद नहीं आती. अच्छी स्मृतियाँ तो यूँ धूमिल हो भी सकती हैं, पर कुछ दु:खद और कडूआहट भरी अथवा जटिल-सी स्मृतियाँ तो इंसान पूरी जिन्दगी ढोता रहता है, और वह बस निर्लज्जता से जुड़ी रहती हैं, हमारे साथ, हर समय. 

Fathers legacy

My father was just a person who was always thinking about his children. A middle class man who was known for his virtues and calmness.

पुरस्कार

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा था। मंत्री जी पहली बार मुख्य अतिथि के हैसियत से अपने ही स्कूल में उपस्थित थे।

घातक न हो जाए कर्जमाफी

किसानों को कर्ज माफ़ी की सौगात क्यों, अन्य वह लोग भी कर्ज माफ़ी के हकदार है, जिन्होंने रोजगार शुरू करने के लिए बैंक ऋण लिया था, लेकिन किसी कारणवश उनका रोजगार चल नहीं पाया और वो बैंक के कर्जदार बन गए. कर्ज वसूली का समय बढ़ाया जा सकता है, लेकिन कर्जमाफी जायज नहीं है.

"दया ही सभी धर्मों का मूल है"

एक अनुभूति है मूक पशुओं की दुर्दशा देखकर। वो पशु जो अकारण ही दंड के भागी बनते हैं और 'अभिव्यक्ति' से भी वंचित रहते हैं।

बदलते बारिश के मायने..

बचपन से युवावस्था और बच्ची से विवाहिता बन जाने के मध्य ..आये छोटे छोटे मनोभावों का वर्णन

मरने के बाद सम्मान

​मरने के बाद सम्मान होगा मेरे शब्दों को तवज्जो तब मिलेगी

पापा के लिये

निडरता इंसान में समय के साथ अपने आप आ जाती है | परिस्थितियाँ खुद लड़ना सिखा देती हैं | बच्चपन में बड़ा डरपोक था अकेलो सोना तो सीखा ही नही था कभी |

अजीब दुनिया अजीब रिश्ते

यहाँ कुछ बेटे हैं जो अपने पिता को वापिस पाने के लिए दिन रात रोते हैं और यहीं कुछ बेटे हैं जिनकी आँखों में पिता को देखते ही खून उतर आता है ।

...रामकिशोर ड्राईवर

अगर रामकिशोर का हुलिया आपको बताया जाये तो मेरे सहित कुछ लोगों की राय थी कि वह अपने समय में तमिलनाडु के कुख्यात दस्यु सम्राट वीरप्पन का मिनी रूप लगता था...

एक मुलाकात

महानगरों के जीवन का अनछुआ पहलु । एक काला सच

SAVE THE BOY CHILD!

"He sounded unsure, excited, scared, all at the same time. Hassan lay with his chest pinned to the ground. Kamal and Wali each gripped an arm, twisted and bent at the elbow so that Hassan's hands were pressed to his back.