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@dawriter

साधारण या शानदार

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#विराटऔरअनुष्का, इन दोनों की शादी और उससे जोड़ी हर बात के बारे में अब तक आप लोग जानते ही हैं। साल की चर्चित शादी जो बन गयी है। चाहे उनका इटली में गुपचुप शादी करना हो या उनका एक दूसरे के लिए प्यार या फिर अनुष्का का लहंगा या उसकी ज्वेलरी हो या फिर उनकी एक साधारण सी शादी।

अरे! क्या रुकिए तो नहीं ,नहीं मैं फिर से वही सब नहीं बताने वाली आपको। हाँ पर उनकी शादी से एक ख्याल जरूर आया है और हमारे हिंदुस्तानी समाज का एक सच भी सामने आया है। क्या!? बताती हूँ।

जैसे आप सब जानते हैं कि विराट अनुष्का ने बड़े ही शांत तरीके से देश से दूर इटली में अपने ख़ास विशिष्ट परिवारजनो और दोस्तों की उपस्तिथि में शादी की। एक बिलकुल ही साधारण और सौम्य तरीके से अपने और अपने परिवार के प्यार के बीच। और चाहिए भी क्या होता है दो लोगो के बीच होने वाली शादी में। प्यार और अपनों का साथ। यही तो हम चाहते हैं। यही तो हमारी ताउम्र ख्वाहिश रहती है।

हालाँकि सभ्यासाची जैसे डिज़ाइनर के कपड़े और लाखों के गहने, इटली जैसा ड्रीम डेस्टिनेशन, फिर दो दो रिसेप्शन, रिसेप्शन कार्ड की झलक देखी आपने, ये सब कितने साधारण हैं, ये तो सब जानते हैं।

पर जरा सोचिए कि क्यूँ गए वो दोनों इतनी दूर ये शादी करने जबकि यहाँ दोनों जानते हैं कि उनकी शादी को एक सेलिब्रिटी की शादी का स्टेटस मिलता। (इस बात की आशंका से इंकार नहीं है मुझे की हर जोड़े की तरह उनका ड्रीम डेस्टिनेशन शायद इटली हो) पर फिर भी दोनों इतनी दूर गए अपने ख़ास लम्हे जीने को। जी ज़रा सोचिए।

और अब ये चुटकुला भी पढ़िए ।

विराट की शादी में
मात्र 50 मेहमान....
.
.
इतने तो
हमारे यहां की शादियों में
रूठे रहते है.

हाहाहा। क्या सोच रहे हैं । यकीनन आप भी मेरी तरह हँस तो रहे ही होंगे और इस बात को नकार भी नहीं रहे होंगे। जी, सच है हमारे देश में शादी दो लोग, दो आत्मायों या दो परिवार के बीच नहीं होती बल्कि शायद दो समाजों के बीच होती है। जिसमे हर समाज अपने को उस समाज में ऊंचा व प्रतिष्ठित दिखाने की होड़ में लगा रहता है।

आज भले ही हम खुश हो रहे हैं उनकी एक साधारण पर बेहद ही खूबसूरत शादी को देख कर पर जरा सोचिये की अगर कोई आपके परिवार या रिश्तेदारी में ऐसा करे तो!? जरा सोचिए, मानिये अगर आपके चाचा ताऊ, या फिर मामा मौसी के लड़के या लड़की की शादी हो और वो भी कुछ इसी तरह तो भी क्या आप awww या wow कहकर चुप हो जायेगें या फिर अपने चचेरे, ममेरे या फुफेरे भाई या बहन को इस तरह सबके सामने प्यार का इजहार करते देख कर आप सच में खुश होंगे!?

सच बोलियेगा। अपने दिल पर हाथ रख कर बोलियेगा।

अपने और अपने आसपास के समाज में मैंने जो देखा सुना है उसके भरोसे पर में एक बात यकीन से कह सकती हूँ। चाहे

परिवार कितने भी संम्पन्न और शिक्षित क्यूँ न हो पर अभी भी कहीं न कहीं हम अपनी विकृत सोच के आधीन हैं। जी अगर कोई इस तरह से अपने रिश्तेदारी या इस दिखावे से दूर होना चाहे तो हम ही उसको कह देते हैं अरे देखो कितने कंजूस हो गए हैं या फिर देखो कितना घमंड हो गया है उनको पैसे का।

सच है कि नहीं!?

प्यार को उन दोनों की नज़रों में देख हम उनकी वीडियो को और तस्वीरों को बार बार देख रहे हैं,अगर वास्तव में कोई हमारे सामने हमारे परिवार का इस तरह करेगा तो हम ही उसको एक बेशर्म और अश्लील जोड़े का खिताब दे देंगे। ये तो उन दोनों का एक सेलिब्रिटी स्टेटस है तब हम चुप हैं वरना…। यही तो है हमारा दोहरा चेहरा।

उनकी शादी में 50 क्या मुझे लगता है शायद 20 लोग भी मुश्किल से थे। और जो थे वो एक दम निकट संबंधी लग रहे हैं। और यहाँ हम इस बात पर ऐंठते हैं कि जी हमारे कोई 50-100 नहीं हज़ारों रिश्तेदार और मेहमान हैं। जितने ज्यादा मेहमान उतना बड़ा रसूख़।

इन सब बातों ने मुझे एक बात सोचने को मजबूर किया की अगर मेरी शादी में वर और वधू पक्ष की तरफ से इतने मेहमानों को बुलाने की शर्त न होती तो मेरी शादी इटली, पेरिस या सिंगापुर ना सही उदयपुर या ताज होटल में तो हो ही जाती।(अरे नहीं मेरी शादी में इंतज़ाम अच्छे थे और मेरे माता पिता ने अपने सामर्थ्य से अच्छा ही किया था, अब तो 15 साल भी होने को आये हैं( हाहाहा) ) पर हाँ ये सच है कि हम इस शादी के तामझाम और चकाचोंध में अपने उन लमहों को जीना भूल जाते हैं जो हमारे लिए एक यादगार अनुभव होते हैं। हमारे लिए ताउम्र की यादें होती हैं उन पलों में।

अनुष्का और विराट की शादी उनके कपड़ों गहनों और इटली से ज्यादा उनके प्यार के पलों के लिए मशहूर हो रही है। उनका एक दूसरे के लिए प्यार उनकी आँखों में दिख रहा है क्यूंकि वो उन लमहों को जी रहे हैं, क्यूंकि वो कुछ भी किसी आडंबर के लिए नहीं कर रहे हैं। क्यूंकि सारे रिश्तेदार पडोसी मेहमान एक एक कर स्टेज पर आकर आशीर्वाद नहीं दे रहे हैं। एक एक कर न जाने कितने परिवार( हाँ!वो छोटे बच्चों का दूल्हा दुल्हन के बीच बैठना) दूल्हा दुल्हन के साथ फोटो खिंचवाने की फिराक में रहते हैं।

बेचारे दूल्हा दुल्हन को कोई खाना खाने या पानी तक के लिए नहीं पूछता। और दूल्हा दुल्हन या उनका परिवार खाना भी कब खाते हैं जब सब चले जाएं। बेचारे थके हारे। तभी तो शादी एक बोझ बन जाती है। इतना खर्चा इतनी मेहनत इतनी थकान। शादी दो परिवारो या दो लोगों के बीच बनने वाला बंधन न रह कर एक सार्वजनिक उत्सव बन कर रह जाती है।

और ये सिर्फ किसी एक धर्म या एक जात या एक घर तक सीमित नहीं है ये सबकी कहानी है।

तो जरा सोचिये की हम क्या बदल सकते हैं। अनुष्का विराट की शादी से पहले से ही मैं कई बार इस बारे में विचार कर चुकी थी और कई बार मन ही मन बहुत से निर्णय भी लिए हैं। अभी तो मेरा बच्चा छोटा है अभी बहुत समय है। पर हाँ, अनुष्का और विराट की शादी ने फिर से मेरी उस सोच को उजागर कर एक बार फिर मेरी सोच को मजबूत कर दिया है। और मुझे पूरी उम्मीद है कि शायद अब हमारी और इस समाज की जिसका हम हिस्सा हैं, कि सोच एक नया मोड़ ले लेगी।

#marriages

Image Source: thenewsminute



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