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@dawriter

दीदी_की_शादी

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१०वीं का रिजल्ट निकले हफ्ता बीत चुका था किंतु घर में फैला सन्नाटा अभी भी बाकी था। ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी की मौत हो गयी हो। रवि जिसके बारे में सब आशा कर रहे थे कि ९०% अंक लायेगा, वह फेल हो चुका था। माँ और पापा दोनों अपने आपको कोस रहे थे कि काश लड़के वाले की बात नहीं मानते और शादी की तारीख एक महीने का रखते। रवि की क्लास टीचर मधु मेम का दो बार फोन आ चुका था पर रवि की माँ किस मुँह से बेटे को कहती कि मेम मिलने के लिये बुला रही है। तीसरी बार जब फोन आया तो माँ रवि को मेम के पास भेजने से रोक न सकी।

 

रवि मेम के पास पहुंचा," नमस्ते मेम।" मेम उसे देखकर अपना आपा खो बैठी और एक थप्पड़ जड़ दिया। रवि रोते हुये मेम के गले लग गया। "कैसे हो गया यह? मैंने तो सपने में भी यह न सोचा था।"

 

" मेम, कैसे कहूँ ? पर अगर आपसे नहीं कहूँगा तो शायद मर ही जाऊँगा। दीदी की शादी थी। काफी मेहमान आये थे तो बड़ी बुआ की देवरानी मेरे ही कमरे में सोती थी। मैं मन लगा कर तैयारी कर रहा था। एक रात जब सो रहा था तो ऐसा लगा कि कोई मेरे बेड पर है। मैंने पूछा कि यहाँ क्या कर रही हैं आप,अपने बेड पर जाइये तो उन्होंने मेरा मुंह बंद कर दिया। मेरे साथ गंदा काम किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो कह दूंगी कि तुमने मेरे साथ जबरदस्ती की है। पांच दिन तक मेरे यहाँ रही और हर रात.....। मेम, मैंने कई बार माँ से कहने की कोशिश की पर वह हमेशा बिजी हूँ;बादमें बात करती हूं, कहकर टालती रही। और अब मेरा यह हाल हो गया।"

 

मधु मेम माथा पर हाथ रखकर धम्म से बैठ गयी।

© मृणाल आशुतोष



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