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वो मलयालम लड़की

writervikassaraf   1.68K views   9 months ago

मयंक को अस्पताल में एक नर्स से प्यार हो जाता है औऱ वो उसे अपने बाबू जी से मिलवाता है. क्या बाबू जी मयंक और उस नर्स की शादी करवाते हैं या जम़ाने के ड़र से दोनों को अलग कर देते हैं. जानने के लिए पढ़िये ये कहानी - वो मलयालम लड़की.

कौनसा घर 'पराया'

Kalpana Jain   1.58K views   1 year ago

ज्योति ने अपने आप से कहा- 'लड़कियों को कहा जाता है माँ-बाप का घर 'पराया' होता है और ससुराल उसका 'अपना' घर। पर यह कैसा 'अपना घर 'जहाँ मुझे ताना मिलता रहे अपने ही कपड़ो पर, जहाँ मुझे किसी से पूछ के या छुपके चोरी से खाना पड़े। किसी चीज के लिए मन मारना पड़े। कौनसा है 'पराया घर' ??

बहू या अलादीन का चिराग?

rita1234   1.55K views   1 year ago

हमारे देश में बहु को अलादीन का चिराग माना जाता है जो कभी भी कुछ भी करने के लिए उपस्थित रहती है।

सच है दुनिया वालों की हम हैं "अनाड़ी"

Kalpana Jain   1.42K views   1 year ago

अब रोशनी को कौन समझाये की जेठानी सब की नजरों में काम करती नजर आ रही है और तुम बेकार।

भटकती राहें

Sharma Divya   1.36K views   1 year ago

दिखावे की दुनिया में भटकाव से पहले ही संभल गई नेहा।

प्रेम वाला खाना

mmb   1.27K views   1 year ago

पत्नी और मां के हाथों से बनाये खाने में प्रेम और वात्सल्य भरपूर होता है।

बड़े बड़े लोग

Rajeev Pundir   1.12K views   1 year ago

निम्न मध्य श्रेणी के लोग संपन्न लोगों के बारे में क्या सोचते हैं, पढ़िए एक ऐसे ही इंसान की खिन्नता को दर्शाती इस कहानी में।

प्यार नहीं था तो क्या था..

Kalpana Jain   1.11K views   1 year ago

मुझे लगा कि वो मेरा एकतरफा प्यार था लेकिन इतने सालों बाद पता चला कि वो भी मुझसे प्यार करता है...

एक गिलास पानी

chandresh   1.08K views   1 year ago

एक गिलास पानी में इतना जादू है

बचपन और नानी का घर

Manju Singh   1.08K views   1 year ago

बचपन एक बार जाता है तो कभी लौट कर नही आता लेकिन उसकी यादें हैं की जाने का नाम नहीं लेतीं। पढ़िए यह रचना जो निश्चय ही आपको आपके बचपन में ले जायेगी ।

जिन्दगी का सत्य....... पापा कहां चले गए

rajmati777   973 views   1 year ago

जब मैं बहुत छोटी थी और जब पहली बार किसी की डेड बॉडी देखी तो पापा से पूछा कि क्या है ये। जिन्दगी की सच्चाई जान मैं बहुत रोई।

त्रियाचरित्र : वरदान या अभिशाप

poojaomdhoundiyal   962 views   1 year ago

"त्रियाचरित्रं पुरुषस्य भाग्यम दैवो न जानती कुतो मनुष्य:"मतलब पुरुष के भाग्य और औरत के त्रियाचरित्र को देवता भी नहीं समझ पाये तो मनुष्य क्या है।

यादें

mmb   909 views   1 year ago

उम्र के अंतिम पड़ाव में जीवन की यादें उमड़ घुमड़ कर आती हैं।

डियर हस्बैंड, आज सभी छोटी बातों के लिए थैंक यू..

Kalpana Jain   847 views   1 year ago

मेरा मानना है कभी -कभी हमारे पति वो काम कर जाते हैं जो हम चाहते हैं पर कहते नहीं तब हमारा मन ही नहीं बल्कि हमारी आंखे जो खुशी से नम हो जाती है कहती हैं -thank you पर मुंह से बोल नही पाते। इसलिये आज मैं अपने इस bolg के जरिये अपने पति को बोलना चाहती हूँ - "Thank you so much for everything"

लघुकथा-- नजरिया

sunilakash   829 views   1 year ago

कई लोग सामाजिक समस्याओं के बारे में बहुत अच्छे तरीके से सोचते हैं किंतु व्यवहार में बिल्कुल उल्टा करते रहते हैं, और उन्हें कभी यह अहसास नहीं होता कि वे उल्टा कर रहे हैं।