YOUR STORY

FILTERS


LANGUAGE

त्रियाचरित्र : वरदान या अभिशाप

poojaomdhoundiyal   873 views   1 year ago

"त्रियाचरित्रं पुरुषस्य भाग्यम दैवो न जानती कुतो मनुष्य:"मतलब पुरुष के भाग्य और औरत के त्रियाचरित्र को देवता भी नहीं समझ पाये तो मनुष्य क्या है।

बेवड़ा

mrinal   728 views   1 year ago

"मेरे बेवडे भाई, तुमने उनसे शराब पीना सीखा और मैंने शराब को हाथ न लगाना सीखा।"

love at the age of seventeen

shashankbhartiya   57 views   1 year ago

A stroy of first crush in intermediate. "साले तेरा जोक समझ लेती न वो तो एच ओ डी ऑफिस में होते", शुभम ने चुटकी ली

माँ

dhirajjha123   27 views   1 year ago

माँ को शुरू से ही कभी ज़्यादा मेकअॅप वेकअॅप करते नही देखा । उन्हे कभी से रुचि ही नही रही या फिर शायद हम सब की छोटी छोटी ज़रूरतें पूरी करने और घर के काम काज के बीच ऐसा उलझी की उन्हे कभी खुद को संवारने का मौका ही नही मिला ।

अखबार वाला

mmb   202 views   1 year ago

नौकरी या व्यवसाय कोई भी हो पूरी निष्ठा के साथ काम करना चाहिए। अखबार वाला न चाहते हुए भी अखबार बांट रहा था।

एक गिलास पानी

chandresh   1.08K views   1 year ago

एक गिलास पानी में इतना जादू है

पीली चुनरी

prakash   248 views   1 year ago

ये एक अधूरी प्रेम कहानी है।जिसकी शुरुआत तो हुई , पर अपने मुकम्मल मुकाम तक न पहुँच सकी ।

पिक्सी

Manju Singh   131 views   1 year ago

मेरा प्यारा पिक्सी,कभी सोचा भी कहाँ था की उसके बिना रहना पड़ेगा। आज उसके जाने के बाद लगता है जैस्र दुनिया ही सूनी हो गयी ।

कहानी— सोच के दायरे

varmangarhwal   156 views   1 year ago

दोपहर के एक बजे बैंगलोर रेल्वे स्टेशन के टिकट काउंटर से टिकट लेकर उम्र में पच्चीस(25) साल का क्लीन शेव चेहरे वाला सुन्दर हाथ में ऑफ़िस बैग लिये प्लेटफार्म पर आकर चेयर पर बैठ गया.

भटकती राहें

Sharma Divya   1.35K views   1 year ago

दिखावे की दुनिया में भटकाव से पहले ही संभल गई नेहा।

डायन

ujbak   54 views   1 year ago

इमली के पेड़ की छोटी-छोटी पत्तियां हवा में बही जा रही थीं। सर्र-सर्र की आवाज़ करती पत्तियों ने जैसे ठान लिया हो कि मदनी के इस रहस्य को वे और डरावना बना देंगी।

તારી વાર્તા મારું જીવન

ashutosh   30 views   1 year ago

ગુજરાતી શીખવવાનો આગ્રહ રાખતા પિતા પુત્રી ની વાર્તા

वो मलयालम लड़की

writervikassaraf   1.68K views   5 months ago

मयंक को अस्पताल में एक नर्स से प्यार हो जाता है औऱ वो उसे अपने बाबू जी से मिलवाता है. क्या बाबू जी मयंक और उस नर्स की शादी करवाते हैं या जम़ाने के ड़र से दोनों को अलग कर देते हैं. जानने के लिए पढ़िये ये कहानी - वो मलयालम लड़की.

लघुकथा-- नजरिया

sunilakash   826 views   1 year ago

कई लोग सामाजिक समस्याओं के बारे में बहुत अच्छे तरीके से सोचते हैं किंतु व्यवहार में बिल्कुल उल्टा करते रहते हैं, और उन्हें कभी यह अहसास नहीं होता कि वे उल्टा कर रहे हैं।

जिन्दगी का सत्य....... पापा कहां चले गए

rajmati777   969 views   1 year ago

जब मैं बहुत छोटी थी और जब पहली बार किसी की डेड बॉडी देखी तो पापा से पूछा कि क्या है ये। जिन्दगी की सच्चाई जान मैं बहुत रोई।