Shayri

आग ही नहीं जलती हर बार.......Shayari

गुमगश्त सी खामोशियाँ

चलो एक ऐसे जहाँ, जहा बस सुकूँ मिले, करके आलिंगन तुम, मिटा दो सारे गिले......

खाना ठंडा हो रहा है…

काश की आह नहीं उठेगी अक्सर, आईने में राही को दिख जाए रहबर, कुछ आदतें बदल जाएं तो बेहतर, दिल से लगी तस्वीरों पर वक़्त का असर हो रहा है… …और खाना ठंडा हो रहा है।

"मुन्तिज़ार"

ख़्वाबों के पूरे होने का मुन्तिज़ार अब नही होता

मुंतजिर

इंतज़ार करना हर शख्श के लिए आसान नहीं ......

कांच हु अभी....

कांच हूँ अभी,खुद को तराशना है बाकी, जब आइना बन जाऊं,तब दुनिया देखेगी......

Shayari

दो दिलों को यूँ आपस में टकराने दो। भेद-भाव को अपने घरों से मिटाने दो।

Shayari

थोड़े से हम भी उड़ने लगे हैं।दबी हुई बात को कहने लगे हैं।

दरकते एहसास

दरकते एहसासों को एक साँस मिल गयी, तुमसे मिलन की फिर आस बढ़ गयी.....

ज़ालिम परिंदा

क्या आपकी जिंदगी में भी है कोई जालिम परिंदा ?

मंजिल

हृदय आतुर है कुछ कर जाना है, जीवनपथ पे आगे बढ़ जाना है....

हादसा

बिना वक्त मुकर्रर के आ जाते हो

Life

ठोकर सिर्फ पत्थरों से नहीं लगती

जिंदगी का फलसफा

धुआँ धुआँ सा है जहाँ, रौशनी बहुत कम है.....

परख

प्रतयेक मनुष्य की स्वयं की एक अभिव्यक्ति होती है

कायनात

ये कायनात मुझसे है या मैं इस कायनात से हूं।

Shayari

आग और इश्क़ दोनों एक ही हैं ......

पैमाने के दायरों में रहना... (नज़्म) #ज़हन

पैमाने के दायरों में रहना, छलक जाओ तो फिर ना कहना… साँसों की धुंध का लालच सबको, पाप है इस दौर में हक़ के लिए लड़ना… अपनी शर्तों पर कहीं लहलहा ज़रूर लोगे, फ़िर किसी गोदाम में सड़ना…

जिंदगी

सबसे कीमती चीज वो जीवन है और आप उसे बर्बाद कर रहे हैं

अजनबी

अजनबी थे अजनबी बन गये shayari

बात जरा सी

बात जरा सी समझा क्यूँ नहीं देते

दो नैनों की बात कई

जीवन के कई सत्य तो इस हाढ मांस के देह में ही है

सुलह

क्या हर बार सॉरी कह देने से सब ठीक हो जाता है!?

ये आग हैं..

ये आग हैं जलेगी तो धुआँ उठेगा ही