6
Share




@dawriter

"एक और कविता "

0 13       

बैठे बैठे बोर हो गए

लिख डालूं क्या “एक और कविता”

बच्चों वाली, परियों वाली

या फिर पर्वत, दरियों वाली

लिख डालूं क्या “एक और कविता”]

कविता जिसमे खेत भी होंगे,

और पगडण्डी गलियाँ होंगी,

पंछी होंगे, फूल भी होंगे,

और बागों की कलियाँ होंगी

चूड़ी की खन-खन भी होगी,

पायल की छन-छन भी होगी,

संग परियों के उड़ जाऊंगा,

नभ विहार कर के आऊंगा,

चाहत वाली सपनो वाली,

प्यार जताते अपनों वाली,

लिख डालूं क्या “एक और कविता”]

प्यारी-प्यारी सुन्दर-सुन्दर,

क्या मैं लिख दूँ  “एक और कविता”

बातें करते-करते देखो,

मैंने लिख दी “एक और कविता” !!



Vote Add to library

COMMENT