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@dawriter

सवाल

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तुम्हारा यूँ चले जाना, जाना सवाल ही है ना,
कभी फिर मिलोगे भी, आख़िर ख़याल ही है ना,
तुम्हारे बग़ैर हर लम्हा अरसे सा गुज़रा है,
वक़्त का ये तजुर्बा भी कमाल ही है ना।



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