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@dawriter

सच

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soni by  
soni

फिसलते पाँव अक्सर झूठ की जमीन पर मिले हैं,

सच तो खुरदरी सतहों पर टिका मिला है,

झूठ है जो बदरंग हुआ है समय पर,

सच तो बस अपने रंग में रंगा मिला है,

झूठ खुले आसमान में भी बंदिशों मे मिला है,

सच तो बंद कमरे में भी आजाद परिन्दा है,

तेरे बिन तेरे संग राधे कृष्णा

#मीनू



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