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@dawriter

षड़यंत्र

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कुछ तनतनी सी लगती हो

कुछ अनबनी सी लगती हो

क्यों झगलाड़ू सी लगती हो
क्यों चंडी सी लगती हो

मुझे किसी षड्यंत्र की बू लगती है
आज तू बहुत प्यारी लगती है

कैद कर लिया तूने अपनी अदाओं में
षड़यंत्र से बांध लिया विवाह बंधन में



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