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@dawriter

शायरी ऐ शाम

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ramkanwar by  
ramkanwar

 

राह पर चला मै भी कुछ इस कदर,

न मंजिल मिली न साहिल मिला |

 

यू होकर बेजुबां मै चल रहा था,

क्या बोलू बस सिने में दर्द लिए चल रहा था|



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