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@dawriter

लोगों को बदलते देखा है मैंने

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aksha by  
aksha

लोगों को बदलते देखा है मैंने
इस दुनिया की भीड़ में अलग-सा चमकते,
फिर उसी भीड़ में मिलते हुए देखा है मैंने
लोगों को बदलते देखा हैं मैंने।
एक माँ के आँसू,एक बेटे का प्यार,
एक नन्हीं सी जान के चेहरे पे मुस्कान आते देखा हैं मैंने,
लोगों को बदलते देखा हैं मैंने।
रिश्ते बनाते हैं लोग,उन्हें निभाते हैं लोग
फिर उन्हीं रिश्तों को टूटते देखा हैं मैंने,
लोगों को बदलते देखा है मैंने।
कहते हैं वो प्यार करते हैं,
पर फिर उसी प्यार को मिटते देखा है मैंने
लोगों को दिल दुखाते,दर्द छुपाते देखा है मैंने,
लोगों को बदलते देखा है मैंने।
बिसराया सभी ने मालिक ,
पर तू ना बिसराना कभी,
लोग बदल जाते हैं अक्सर,
पर तू ना बदलना कभी
एक तेरा ही सहारा,एक तेरा ही आसरा है मुझे
बरना इस दुनिया में लोगों को खुदगर्ज़ बनते देखा है मैंने
लोगों को बदलते देखा है मैंने
अलग-सा चमकते,फिर भीड़ मे मिलते देखा है मैंने।।



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