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@dawriter

मै नींदे लिखूंगी

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nis1985 by  
nis1985

निशा की कलम से....

मै नींदे लिखूंगी,
तू ख्वाब पढ़ना...
बस अनकहा सा,
वो एहसास पढ़ना.....
मुक्कमल हो रोशनी तो,
वो रात का चाँद,
दिन का आफताब पढ़ना....
मेरे तस्सवुर में आके,
वो बेचैनी बेहिसाब पढ़ना.....
मेरी जो ख्वाहिशें है तुमसे,
इन आँखों मे उसे,
बार-बार पढ़ना.....
दिल का सुकूँ है सिर्फ तुमसे,
बस इन धड़कनो की
वही रफ्तार पढ़ना....
इन ख्वाबों में आके तुम,
बस यूं ही मिलन की आस पढ़ना...
मै नींदे लिखूंगी,
तुम ख्वाब पढ़ना....!!!!!

निशा रावल
बिलासपुर



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