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@dawriter

दोस्त

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jhalak by  
jhalak

 

ये ज़माना बड़ा बदल रहा है,

मेरे तो कई जुमले अभी बाकी हैं,

चाहे तो साथ रहना मेरे दोस्त,

मेरी दरक्त तो ज्यादा नहीं पर लहु का हर कतरा अभी बाकी है,

- झलक



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