0
Share




@dawriter

कीचड़ में कमल से खिलते कुछ लड़के .......

0 49       

जैसे सारी औरतें ही सीधी सादी नही होती , { क्योंकि अगर ऐसा होता तो हर दूसरी औरत अपनी सास से , और हर सास अपनी बहू से इतनी प्रताड़ित न होती } ठीक उसी तरह सारे मर्द भी एक जैसे नही होते तो आज उन्ही पुरुषों के लिए :-

होते है कुछ लड़के ऐसे भी जो कीचड़ में कमल की तरह खिलते हैं ......कुछ लड़के ऐसे भी ,जो बचपन में ही बड़े हो जाते है ..

जिम्मेदारियों के बोझ तले खुद को फना कर देते है ...

दसवीं पास करते ही अपनी ट्यूशन फीस का इंतज़ाम , आस पड़ोस के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर करते है ...

रिक्शा के पैसे बचाने को पैदल या साईकल से 8- 10 किलोमीटर यूँ ही चलते है ...

पिता के कुर्ते की फटी जेब देखकर ,एक ही जोड़ी जूते सालों घिसते है ...

होते है कुछ लड़के ऐसे भी जो ..

बड़े शहर में पढ़ाई के बारे में सोचते भी घबराते है , घर छोड़ने के ख्याल से ही सिहर उठते है ...

कॉलेज में भी जम कर मेहनत करते है , सिगरेट ,शराब के आदि दोस्तों के साथ होने पर भी उससे दूरी बना कर चलते है....

अपनी पसंद की लड़की को घर वालों की पसंद के सामने दरकिनार करते हैं ....

संस्कारों की डोर में बंधे घरवालों की पसंद से ही शादी के बंधन में बंधते हैं ..

फिर पत्नी और माँ के बीच घुन की तरह पिसते हैं ....

होते है कुछ लड़के ऐसे भी जो .........

सालों तक घर जाने में भी आनाकानी करते है , पर पिता जी को कब कितने पैसों की जरूरत है इसकी फिक्र हर दम करते हैं .....

हर त्योहार पर घर न जा कर बस पैसों से ही उनकी मदद किया करते है....

आने जाने के खर्चे में भी बहुत कोताही बरतते है , साल में बस एक बार घर का रुख किया करते हैं .....

होते है कुछ लड़के ऐसे भी जो कीचड़ में कमल की तरह खिलते है ।।

© नेहाभारद्वाज



Vote Add to library

COMMENT