0
Share




@dawriter

एक गज़ल

0 16       

तेरी खुशियों की मैनें हमेशा ख्वाहिश़ की है

खुदा से तेरी काबिलियत की गुजारिश़ की है

 

तेरी राहें गुलशन रहें जिंदगी भर हर प्रहर

मेरे ख्व़ाबों की उसके लिए आजमाइश़ की है

 

तेरा नूर आफताब़ - सा फैले पूरी कायनात में

मेरी तकदीर को तेरे साथ की सिफारिश़ की है

 

जो मुसीबतें आई अगर कभी तेरी राहों में

उन्हें मेरी ओर रूख़ करने की कोशिश़ की है

 

मेरे जज़्बातों से कहीं तू आहत़ ना हो जाए

उन्हें संभलने की मैनें सदा फरमाइश़ की है

 

#रश्मि



Vote Add to library

COMMENT