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@dawriter

उदास हूँ

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"उदास हूँ"

उदासी के उतुंग शिखरों पर

बैठा सोच रहा हूँ मैं ... 

कानो में पवन के शोक गीत गुंजायमान ...

दूर कहीं से हलकी कर्कश ,

विलाप की ध्वनि आ रही ...

क्यूँ जीण-जीण ,

मेरे ह्रदय को बेधे जा रही ... 

मस्तिष्क में चल रही रेतीली आंधियां ,

मध्यम सी हो रही स्वजनों की आवाजें

बस छूट रहा है अंतिम दृश्य ...

पथरा सी रही है ये झील सी आँखे

अँधेरे की पूरी गहराई तक जा रहा “प्रकाश”

छूट गयी सब मधुर मनोहर यादे कहीं ,

उतरता ही जा रहा उदासी के घोर अन्धकार में

उदास हूँ मैं ...... 



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