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@dawriter

इतवार

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ये वक़्त भी बेवक्त मुझे कुछ यूँ सताता है,
तुमसे दूर हूँ, अहसास मुझे हर वक़्त आता है।
मशरूफियत में यूँ ही गुज़र जाता है पूरा हफ़्ता।
मैं थक के हार जाता हूँ फिर इतवार आता है।



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