SHAYARI

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मेरी आज़ादी का रुआब

Mohit Trendster   16 views   2 months ago

जंग तुझसे नहीं तेरे खयालो से है... बात मेरे ज़हन मे जलते सवालो से है... गलत होकर भी सही ठहराये गये जवाबो से है... जिनके पीछे रहकर तू राज करता उन हिजाबो से है...

दांव

Mohit Trendster   6 views   4 months ago

किसको मनाने के ख्वाब लेकर आये हो? घर पर इस बार क्या बहाना बनाये हो? रहने दो और बातें बढ़ेंगी, पहरेदार की त्योरियां चढेगीं। चलो हम कठपुतली बनकर देखें, जलते समाज से आँखें सेंके...

सवाल

neerajself   34 views   10 months ago

वक़्त का ये तजुर्बा भी कमाल ही है ना।

रहनुमा अक्स (नज़्म)

Mohit Trendster   52 views   10 months ago

जब किसी के अक्स में दुनिया बसने लगे...कीमत और दायरों के परे कुछ...उस रूहानी एहसास का हाल!

પહોંચી ગયો

spujara19   16 views   11 months ago

એક ગુજરાતી ગઝલ આપણી સમક્ષ રજુ કરું છું

नहीं मुझे यह शहर चाहियें

Nidhi Bansal   158 views   11 months ago

मै गाँव में पली बढी हूँ और पिछले 11सालों से शहर में अपना घर बना कर रह रही हूँ। किन्तु गाँव और शहर के परिवेश मे बहुत फर्क महसूस करती हूँ। बस इन्ही भावनाओं को वयक्त करने की कोशिश है।जरूरी नहीं की सभी मेरे विचारों से सहमत हों।

इतवार

neerajself   47 views   11 months ago

ये वक़्त भी बेवक्त मुझे कुछ यूँ सताता है...

“ अगर तुम चाहो तो ”

ankitg   94 views   1 year ago

प्रस्तुत कविता में मैंने अपनी प्रेयसी को एक उर्जात्मक रूप में दिखाने कि कोशिश की है, एक कवि अपनी कविता (प्रेयसी) के सूक्ष्म वियोग में जब कुछ रचनायें लिखता है, उस दर्द को मह्सूस कर लिखने का प्रयास किया है...

खामोशियों को बोलने दो

Nidhi Bansal   130 views   1 year ago

कभी कभी शब्दो से अधिक खामोशियाँ असर करती हैं।

इच्छा

Nidhi Bansal   110 views   1 year ago

मनुष्य का 'कभी ना खत्म होने वाली 'इच्छाओ का सिलसिला,उसके जीवन को नरक बना देता है।

साथी

mmb   120 views   1 year ago

साथी का महत्व बार बार याद आता है चेहरा साथी का साथी के चले जाने के बाद।

रूह से रूह जुड़ी थी

ritumishra20   62 views   1 year ago

कभी उसके ही दम से रौशन जिंदगी थी हर कदम इश्क की खुश्बू सी उड़ी थी

मुर्दा बोल रहा है

gauravji   42 views   1 year ago

कभी सुना है क्या लाश को बोलते हुए ? मैंने देखा है उसे कब्र में रोते हुए ।

दर्द

gauravji   52 views   1 year ago

मैं हूं अकेला तो साथ कोइ क्यूं रहेगा परछाई से कह दो दूर ही रहे मुझसे । :- गौरव

जिंदगी

gauravji   55 views   1 year ago

कोशिश करते हो क्यूं बदलने की मुझे, मेरी नफरत के शिकार बनोगे क्या?