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@dawriter

तोड़ दे चुप्पी

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जाने कितनी ख़ामोशी है

उन बंद दरवाज़ों के पीछे

पर फिर भी हँसी गूंजती है

एक दर्द की आहट की

 

जाने कितने जख्म गहरे हैं

उन बंद दरवाज़ों के पीछे

पर फिर भी सिर्फ शरीर तपता है

दिल के जलने से

 

जाने कितनी दीवारे गीली है

किसी के आंसुओं से

पर फिर भी दरवाजा खुलता है

उसकी एक मुस्कान से

 

जाने कितनी चीखें दफ़न हैं

उस बिस्तर की सिलवटों पर

पर फिर भी रोज़ नयी चादर

उस बिस्तर पर बिछती है

 

जाने कितनी खून की होली

जाने कितने गम के दिए

पर फिर भी हर व्रत होता है

उस सुहाग की रक्षा के लिए

 

जाने कितने ताने सुने

जाने कितने मजाक सहे

पर फिर भी जज़्बातों की

उम्मीद उमड़ती है उसके लिए

 

जाने कितने रिश्ते हुए दफ़न

जाने कितने दोस्त हुए पराये

पर फिर भी एक वो ही

भाता रहा उसके मन को

 

जाने कितनी हार मानी

जाने कितनी जीत छोड़ी

पर फिर भी वो होता रहा हावी

उसके विश्वास की होड़ पर

 

जाने कब उसका दर्द जीता

जाने कब वो वीरान हुई

पर फिर भी वो हँसता रहा

फिर कोई और सेज आबाद हुई

 

न दर्द से न जज़्बात से

न पड़ता है फर्क उसको औलाद से

वो जो दरिंदे होते हैं

वो औरत के सीने पे अकड़ते हैं

 

न तू कर सहन

न तू कर बर्दास्त अब

तोड़ दे इस चुप्पी को

कर खुद को आबाद अब

 

तू सहती है क्यूंकि तू कमजोर है

तू रोती है क्यूंकि तू औरत है

तोड़ दे उसके इन झूठे ख्यालों को

दे जवाब उसके दिए अपमानों को

 

तू नारी है ,तूने प्रेम देने की ठानी है

इस लिए सहा था उसको

इसलिए अपना समझा उसको

इस लिए इतना दर्द सहा

इसलिए चुप्पी को चुना

इसलिए शरीर को तोड़ा

इसलिए मन को मोड़ा

इसलिए  वो पति परमेश्वर था

 

कमजोर है वो यह तुझको पता

खिन्न है वो यह भी तू जानती है

बस एक सहारा था तू उसका

यह बात अब तुझे उसको बतानी है

 

नहीं थी रहती तू उसके रहमो कर्म पर

वो था हर बात पर तुझपे निर्भर

बता दे उसको कि बोल देती अगर तू पहले ही दिन

शायद मौत हो जाती उसकी उसी दिन

 

बोल, अब और नहीं

बस अब और नहीं

नहीं मैं अबला नहीं मैं हालात की मारी

नहीं मैं दासी नहीं मैं हारी

 

हार न मान

दर्द को न जान

बस हिम्मत कर

खुद को पहचान

 

तू है एक सशक्त नारी

जो बस अब इसके जुल्मों से हारी

देती है आज चेतावनी तुझे

है हिम्मत तो बाँध मुझे

 

औरत है तू तो पाप नहीं है

दर्द पे तेरा राज नहीं है

खोल अब बंद दरवाज़ों को

बोल दे अब खुल के बातों को ।।

#stopsexualabuse 



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