SEXUAL ABUSE

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सितंबर की वो मनहूस सुबह

ritumishra20   921 views   1 year ago

जहाँ उज्ज्वल भविष्य के कामना के लिए जिन्दगी का सफर अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ और उस मासूम जिंदगी का अन्त हो जाता है, कैसे हुआ उस मासूम जिन्दगी का अन्त?? किसने किया उस मासूम की जिन्दगी का अन्त?? पढ़िए कहानी "सितंबर की वो मनहूस सुबह" मे।

The Holocaust Unseen

krishangisarma27   100 views   1 year ago

Marital rape - a crime a section of women has been victim of.

फिल्म

sunita   875 views   8 months ago

'अरे घनचक्कर चल कही हाथ साफ करते है बिलकुल फिल्म की माफिक ऐश करेगा अपुन दोनो बोल क्या करेगा ...क्यो नही दोस्त के लिए तो जान भी हाजिर तो फिर चल कल दोपहर नयी बिल्डिंग के पास में आना ........

एक सच्ची घटना- बिना शीर्षक की एक आपबीती

Anonymous
  1.04K views   6 months ago

एक ऐसा घाव जो तन पर ही नहीं मन पर भी होता है जो ताउम्र नहीं भरता..

सगी

sidd2812   126 views   1 year ago

जहालत की ज़िन्दगी से वो तंग आ गयी थी। माँ हमेशा कहती थी कि तू अठरा की हो जाए तो तेरी शादी कर दूंगी, तेरे बाबूजी सीधे हैं, तेरी चाची चालाक है, तेरे चाचा बहुत अच्छे हैं; न जाने क्या-क्या समझाती रहती थी लेकिन, तीन साल पहले ही चली गयी।

समाज के भेड़िया

gourav11698   35 views   1 year ago

रेपिस्ट कही बहार से नहीं आता असल में रेपिस्ट हम और आपमें से ही कोई है..जो हमारे आस पास ही रहता है और तलाश करता है एक मौके की और हमें आवश्यकता है हर पल जागरूक रहने की क्योंकि भेड़ियों को एक मात्र मौका चाहिए ... एैसा ही एक समाज का भेड़िया मेरी कहानी में मिलेगा आपको... तो जागरूक रहिए..

Child abuse

kitabeshayri   205 views   1 year ago

इस कहानी में अपने अंदर का दर्द बयां करना चाहती हूँ इस कहानी में मैं अपने ज़ख्म को लिखा है I want u all to know how diffucult is girls life. How many faces she have to look on she sees the cruelest man in the world And bear all the pain silently Please read the whole story

अनजाना क़त्ल

suryaa   79 views   1 year ago

पीयूष बेटा उठ जाओ सुबह हो गयी आखिर कब तक सोयेगा तू.........मम्मी ने पीयूष को आवाज लगाते हुए कहा उठ जाऊंगा आज तो सोने दे माँ......आज सन्डे है वैसे भी ऑफिस वाले दिन ठीक से सोने को नहीं मिलता....आज तो सो लूँ ढंग से..............उसने रजाई को मुहँ पर ढकते हुए कहा

भद्र पुरुष

Kavita Nagar   840 views   1 year ago

कैसे माधुरी दुविधा में फंसी हुई थी,मन में उथलपुथल और बहुत गुस्सा था,समझ नहीं पा रही थी,क्या करे।

बरसाती कीड़ा का डंक

poojaagnihotry   1.35K views   1 year ago

निहारिका का रुझान मॉडलिंग की ओर था वहीं अविका निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से थी और नौकरी करके पिताजी की मदद करना चाहती थी।

हाँ वो मेरा भाई था

swappy   371 views   1 year ago

एक सच्ची कहानी ,रिश्तों का चीरहरण करती हुयी, विश्वास तोड़ती हुई । अपनी कमजोरी और नासमझी के कारण जो मैंने झेला वो मैं नहीं चाहती दुनिया का कोई भी बच्चा सहे। अपने बच्चों को सुने, उनसे बात करें उनको एक सुरक्षित, खूबसूरत बचपन दें। ये उनका हक है और आपकी जिम्मेदारी।

फेक फेसबुक आई डी ..एक अनोखी प्रेम कथा

kavita   929 views   1 year ago

सोशल मीडिया के दुरुपयोग से लेकर ,किन्ही विशेष परिस्थितियों में इसके फायदे की एक छोटी सी भूमिका प्रधान कहानी

13 reasons why she can't raise her voice

poetryblog17   233 views   1 year ago

Married women too faced sexual abuse, But they can't refuse.... "Read the whole writing and share your views" Let's provoke every men and woman on this so that it can bring some change.

छिपकली

Sharma Divya   1.68K views   1 year ago

यौन शोषण सिर्फ आदमी ही नहीं करते बल्कि इसका शिकार भी होते है। छिपकली एक बच्चे की कहानी है जो यौन शोषण शिकार हुआ।

एक दर्द

sonikedia12   111 views   1 year ago

उड़ना चाहती थी वो पर ना ही टूटे पत्तों की तरह ना ही सूखे पत्तों की तरह लहराना चाहती थी पर ना ही फटे दामनों की तरह ना ही चिथड़ों की तरह ।