एक छोटी सी कोशिश बेटी के मन की बात कहने की

लोग कहते है कहीं कुछ छुटा तो नहीं अब उन्हें कौन समझाए कुछ नहीं सबकुछ तो छुट गया नैहर में...

यही तो इश्क है भाग-४

""शादी की तैयारियाँ जोरो पे चल रही थी,आनंद और मंदिरी के घर पे ,,,समय पंख लगा के ऐसे बीत रहा था कि किसी को पता ही नही चल रहा था।

रिपोर्ट कार्ड

पिता ,पुत्री और उनकी स्कूल टीचर के बीच मजेदार संवाद , और पिता का अपनी पुत्री के प्रति प्यार जताना । ये शानदार और मजेदार कहानी अवश्य पढे ☺

फिर आओगी?

रिश्ते हर व्यक्ति की अनमोल पूँजी होती है जिसकी अपनी एक महत्ता एवं गरिमा होती है...और पति पत्नी का रिश्ता तो खड़ा ही विश्वास की नीव पर होता है और जब कोई इस नीव को हिलाने की कोशिश करता है तो पत्नी एक अलग ही रूप ही अख्तियार कर लेती है...इसी भाव को दर्शाती रूपाली की कहानी मेरी कलम से....

यही तो इश्क है-३

अब क्या मन्दिरी इस इश्क के बीज से अपने प्रेम की बगिया सजा पाएगी???????

यही तो इश्क है-२

अब मन्दिरी की जिंदगी पूरी तरह से बदलनेे वाली थी, उसके जीवन मे भी इश्क की बहार आने वाली थी, और ये सिर्फ और सिर्फ आनंद की वजह से!

यही तो इश्क है-१

जीवन में कभी एक ऐसा मोड़ आता है,जब हम किसी के लिए पूरी तरह बदल जाते है, शुरू- शुरू में ये चीजें कितनी अटपटी लगती हैं

रेत की सिलवटें

वो उजली सुबह जो वक्त अंधेरों से लड़ रही थी, एक शाम स्याह होकर रात बन गई और अपने ही अंधेरे में गुम हो गई।

Friends, lovers or nothing

Highlighting the red shift in the perception of modern day relationships, perplexing state of love and lust, evolution and rise of the hook up culture and the demise of old school romanticism.

विदाई- आत्मग्लानि एक पिता की !

ये कहानी है एक लड़की साक्षी और उसके पिता के रिश्ते की, एक बेटी की भावनाओं क , और एक पिता की आत्मग्लानि भी !

अम्मा -2 (अम्मा के जाने के बाद )

अम्मा को गए तीन साल हो गए, पर कुछ रिश्तो में अभी भी खटास बाकी है जिन्हें समय के साथ काफी सूझ बूझ से सुलझाया गया ।

ख्वाब सरीखे दिन

आज जब जीवन के हर पहलू पर भौतिकतावाद और व्यवहारिकता हावी है, प्यार भी इससे अछूता नहीं रहा। ऐसे में आकाश की कोमल ख्वाब सरीखी भावनाओ और पूजा की निहायत व्यवहारिक सोच के बावजूद उनके बीच जन्मा रिश्ता क्या रंग लाया.....

कसक

अमीना ने जैसे ही दरवाजा खोला, देखा कि सामने से मेधावी चली आ रही है।

महत्वपूर्ण कौन बीवी या फिर टीवी

हर घर के आदमी की दास्तान...बीवी चुने या फिर टीवी....:-)

पगफेरा

अपनी बेटी को आर्थिक मानसिक व सामाजिक स्थिरता प्रदान करने के लिए एक माँ के संघर्ष की कहानी जहाँ दमाद सामाजिक मान्यताओं को तोड़ निभाता है बेटे होने का फर्ज ।

अम्मा !

ये कहानी है अम्मा की उनके जीवन मे आये बदलाव की, और उनके अथाह प्रेम सागर से सराबोर उनके पौत्र की ....... जिसका जीवन बदल जाता है अम्मा के जाने से ।

MY NAME IS SHANTI AND I AM AN ANGRY GODDESS

THIS STORY IS ABOUT A LADY, WHO FIGHTS FOR HERSELF, FOR HER DIGNITY, FOR HER IDENTITY. WHO GIVES A BIG FIGHTS TO ALREADY ESTABLISHED NOTIONS IN A SOCIETY. HER STORY TELLS SOCIETY ITS NOT NAME THAT DOES MATTERS ITS ACTS THAT HAS THE MEANING AND IDENTITY.

यही होता प्यार है क्या?

‘दूबे जी, क्यूँ खेलते हो ऐसा खेल? आप खिलाड़ी हो और मैं अनाड़ी की तरह हर बार उलझ जाती हूँ इस खेल में । क्यूँ करते हो मेरे साथ ऐसा?’

माँ ‌आप क्यों छोड़ ‌गई???

माँ ‌‌के‌‌‌‌ ‌बिना‌‌ ‌‌जीवन में ‌एक ‌अधूरापन ‌स‌ा है।

लक्ष्मण रेखा

एक ऐसी औरत की कहानी जो अपने पुराने विचारों और आज के परिवेश के बीच की लड़ाई में उलझी है। वह न तो खुद को ढ़ाल पा रही है न ही दूसरों के आधुनिक विचारों को स्वीकार कर पा रही है ।

मंथरा

घर घर मे पाए जाने वाले ऐसे लोग जो फ़ूट डालने की वजह बनते हैं ऐसे लोगों का आईना है ये कहानी

ये जिंदगी न मिलेगी दोबारा

जिंदगी मिली है,हँस के बिताएं, समस्या किसको नहीं है,पर उस समस्या का हल क्या दुखी और उदास होने से मिल जाता है

वापसी

आज के समय में रिश्तों के खोखलेपन को उजागर करती दिल को छू देने वाली कहानी....

तेरा साथ

एक लड़की का जीवन दो परिवारों की समझ और व्यवहार पर निर्भर करता है-एक माता पिता और दूसरा पति। माता पिता अपनी बेटी को शायद इसी लिए कोसते हैं कि उनको उसके पैदा होने के साथ ही उसके पति और ससुराल कैसा होगा का डर सताने लग जाता है।