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रूठे रूठे पिया..!

kavita   2.05K views   1 year ago

पति पत्नी की लड़ाई और फिर एक दूसरे को मना लेने की कवायद और आपसी रिश्तों की समझ से जुड़ी दिलचस्प कहानी

नोंक-झोंक

sachinomgupta   724 views   1 year ago

पति-पत्नी के कुछ अनचाहे झगडे को लिखा है, जिसमे पति को ज्यादा बोलने की इजाजत नहीं है।

यही तो इश्क है-१

nis1985   545 views   1 year ago

जीवन में कभी एक ऐसा मोड़ आता है,जब हम किसी के लिए पूरी तरह बदल जाते है, शुरू- शुरू में ये चीजें कितनी अटपटी लगती हैं

उड़ान पंखों की

rajmati777   312 views   1 year ago

जिन्दगी में प्यार बहुत जरूरी है क्योंकि प्यार के बिना जीवन अधूरा सा लगता है। पर कभी परिस्थितियां ऐसी सामने आ जाती है कि चाह कर भी रिश्ते को अटूट बंधन में नहीं बांध सकते। अहंकार रिश्तों की डोर को तोड़ देता है।

यही तो इश्क है-३

nis1985   818 views   1 year ago

अब क्या मन्दिरी इस इश्क के बीज से अपने प्रेम की बगिया सजा पाएगी???????

तलाक्नामा

Manju Singh   1.23K views   1 year ago

पति पत्नी का रिश्ता सब रिश्तों से अलग एक ऐसा रिश्ता है जिसे तोड़ पाना इतना आसान नहीं होता। यह रिश्ता अनोखा है कभी गुस्सा तो कभी प्यार।

हम उस इश्क़ को इश्क़ क्या कहें

sachinomgupta   26 views   1 year ago

हम उस इश्क़ को इश्क़ क्या कहें, जिसने इश्क़ जरा भी किया न हो.

अनजान मुसाफ़िर

akanskha pandey   470 views   1 year ago

मोहब्बत जो कुछ अधूरी सी ,जब किसी से मोहब्बत हो जाये और वो यूं अचानक से दूर हो जाये हमारी आज की कहानी।

नियति

kavita   1.88K views   1 year ago

प्रेम में लंबी प्रतीक्षा के बाद , बंजर धरती पर प्रेम सिंचन की अद्भुत कथा..!

हैप्पी वैलेंटाइन डे

abhidha   73 views   2 years ago

गरीबों के लिए मोहब्बत इतनी आसान नहीं होती।आज कल तो प्यार करने से पहले लोग स्टेटस मैच करते हैं।

एक छोटी सी कोशिश बेटी के मन की बात कहने की

soni   51 views   1 year ago

लोग कहते है कहीं कुछ छुटा तो नहीं अब उन्हें कौन समझाए कुछ नहीं सबकुछ तो छुट गया नैहर में...

यही तो इश्क है भाग-५

nis1985   388 views   1 year ago

◆"इश्क के रंग में सराबोर होकर फाइनली मन्दिरी और आनंद माँ के साथ शॉपिंग को निकल पड़े।

यही तो इश्क है भाग-६

nis1985   140 views   1 year ago

"उफ्फ! क्या नजारा था, मानो ये पल बस यही रुक जाए, बस यही पर रुक जाए!!!

इंतज़ार, उम्मीद, और विश्वास समेटे वो आठ साल

dhirajjha123   16 views   2 years ago

कुछ प्रेम कहानियों को शब्दों या किसी की कल्पना की ज़रुरत नहीं होती, वो खुद में एक गाथा होती है और ये कहानियां उन जंगली फूलों की तरह हैं जिन्हें सोच समझ कर सुन्दर बगिया में नहीं लगाया जाता यह किसी भी परिवेश किसी भी हालत किसी भी जगह बिना सोचे समझे अपने आप ही उग जाती हैं

बस यूँ ही लिखने का मन कर गया

dhirajjha123   10 views   2 years ago

अब किसी के भी मौत की खबर मन उदास कर देती है । बीता हुआ सब सामने आ जाता है । वो रोते बिलखते बीवी बच्चे मन को झकझोर देते हैं,