RELATIONSHIP

FILTERS


LANGUAGE

जूड़े का गुलाब

kavita   1.34K views   1 year ago

प्रेम के धागों से बुनी गयी ..एक रूमानी कहानी

भाग्यलेख

Manju Singh   1.73K views   1 year ago

पति पत्नी के रिश्ते से बढकर शायद कोई रिश्ता नहीं होता दुनिया में लेकिन ऐसा सिर्फ औरत ही क्यों सोचती है ? क्या य्ह सिर्फ औरतों का ही फर्ज है कि वे हर हाल में रिश्ता निभाएँ।शायद है तो नहीं लेकिन वह अक्सर रिश्ता निभा ही जाती हैं ।

कितना मुश्किल है मां बनना - II

Maneesha Gautam   735 views   1 year ago

नैपी बदलेगी कि काम करेगी. जब माँ बन गयी है तो घर पे क्यो नही रहती.

कितना मुश्किल है मां बनना - I

Maneesha Gautam   1.04K views   1 year ago

हर नयी शादी में उम्मीदो की एक लंबी लिस्ट होती है,गुड न्यूज है.

“दूर के ढोल सुहावने होते हैं” (सच है क्या?)

rita1234   1.11K views   1 year ago

अक्सर हम लोगों के पास जो रिश्ते होतें है उनकी कद्र न करके दूर के लोगों की तारीफ़ में लगे रहते हैं।

सॉरी माँ

Pallavi Vinod   1.18K views   1 year ago

कभी कभी छोटी छोटी गलतफहमियां रिश्तों में दूरियाँ ले आती हैं,जिंदगी की मिठास इसकी खूबसूरती प्रेम और अपनेपन में है। हमारी थोड़ी सी समझदारी से रिश्तों के बीच आयी दरार भर जाती है।

कैसे मुझे तुम मिल गए

Pallavi Vinod   743 views   1 year ago

पहला प्रेम जीवन में आलौकिक सुख की अनुभूति लाता है,किसी की मुस्कान दिल में तरंगें पैदा कर देती है,किसी की आंखों के सम्मोहन में हम इस कदर डूब जाते हैं कि फिर उसे भूल पाना बहुत मुश्किल हो जाता है।

राम मिलाये जोड़ी

kumarg   1.24K views   1 year ago

रमेश कभी स्कूल नहीं गया। गाँव में स्कूल था ही नहीं। जितना पढ़ना लिखना सीखा सब सिनेमा के पोस्टर से। रखवाला, सौदागर, मरते दमतक सबके डायलॉग रटे हुए थे। एक अंग्रेजी सिनेमा भी देख रखा था 'हू एम आई' हीरो भले चाइनीज था लेकिन सिनेमा खूब चला था।

लौट आओ सुधी

ritumishra20   1.48K views   1 year ago

पति- पत्नि के आपसी मतभेद, मनमुटाव, व कलह के बीच पनपते सच्चे प्रेम की व्याख्या करती हैं ये कहानी "लौट आओ सुधी"

82 kg एक सच्ची प्रेम कहानी (2)

kavita   723 views   1 year ago

बचपन के अल्हड़ प्रेम की , परिस्थितियों के भंवर में भी न टूटने की कहानी

82 kg एक सच्ची प्रेम कहानी (1)

kavita   964 views   1 year ago

बचपन का अल्हड़ प्रेम जो ,परिस्थितियों के भंवर में उलझ कर भी टूट न सका

लगा रंग जो तेरा..हुई मैं कमाल की..

sunitapawar   1.24K views   1 year ago

लगा रंग जो तेरा..हुई मैं कमाल की ....स्नेहा और प्रेम की होली

यह कैसा बधावा? ज़रूरत या दिखावा!

rita1234   1.24K views   1 year ago

आज हम एक दिखावटी समाज में जी रहें हैं। यह भवना इतनी गहरी हो चुकी है कि कुछ बेटिया ससुराल में दिखावे के लिए अपने मायके से वक्त बेवक्त डिमांड करती रहती हैं और वे बिचारे भी बेटी का ससुराल है सोच कर किसी तरह उसकी मांगों को पूरा करते रहते हैं।

पुनरावृत्ति

Priti Mishra   1.65K views   1 year ago

हम जो अपने माँ-पिता के साथ करते हैं वही हमारे बच्चे हमारे साथ करते हैं फिर हम इतने व्यथित क्यों हो जाते हैं

तलाक्नामा

Manju Singh   1.23K views   1 year ago

पति पत्नी का रिश्ता सब रिश्तों से अलग एक ऐसा रिश्ता है जिसे तोड़ पाना इतना आसान नहीं होता। यह रिश्ता अनोखा है कभी गुस्सा तो कभी प्यार।