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रकीब

kumarg   57 views   2 years ago

नसीब से बस उतनी ही मोहब्बत मिलती है जितनी रकीब छोड़ जाता है। जब मोहब्बत हो ही जाए तो कभी इतनी मोहब्बत मत करना की रकीबों के हाथ कुछ न लगे

निष्ठुर

kumarg   64 views   2 years ago

मां के संबंध में अनेको किस्से कहानियां गीत गजल आदि लिखे गये हैं लेकिन पिता बहुत अंडररेटेड जीव है। वो अंदर से नरम होकर लालन पालन करता है वहीं बाहर से कठोर रहकर जमाने से रक्षा करता है। हर कोई बाहरी आवरण ही देखता है और वो कहता है उसे निष्ठुर

एक_इश्क_ऐसा_भी

shashank25   215 views   2 years ago

"वहाँ सरहद पर गोलियाँ चलती हैं चाय नहीं।और वैसे भी हम फ़ौजियों को लेट नाइट चैटिंग करने की छूट नहीं होती।"

हँसी मतलब

sonikedia12   26 views   2 years ago

अगर कोई लड़की या औरत किसी से हँसकर या खुलकर बात करे तो कई बार लोग उसका मतलब कुछ ओर ही लगा लेते हैं ।

हमदर्द साथी

varmangarhwal   748 views   2 years ago

चार जनवरी, बुधवार की रात को एक बजे उम्र में पच्चीस(25) साल का क्लीन शेव चेहरे वाला स्मार्ट और हैंडसम सुदर्शन ऑफ़िस में कुर्सी पर बैठा टेबल पर ऑवर टाइम में काम करते हुए चाँदी की ईयर रिंग चैक कर रहा था.

बस यूँ ही लिखने का मन कर गया

dhirajjha123   10 views   2 years ago

अब किसी के भी मौत की खबर मन उदास कर देती है । बीता हुआ सब सामने आ जाता है । वो रोते बिलखते बीवी बच्चे मन को झकझोर देते हैं,

​सपनों वाली शादी (बूढ़ी सी प्रेम कहानी)

dhirajjha123   38 views   2 years ago

“ये स्टेज पर लाल रंग के फूल लगाओ यार, हमारे बुढ़ऊ को उनकी हमारी बुढ़िया के लिए लाल रंग के फूल ही पसंद हैं ।” काम की व्यस्तता के बीच परिधांश ने माहौल को थोड़ा मज़ाकिया रंग देने के लिए ये बात कही ।

उसकी और उसके उसकी बातचीत

dhirajjha123   17 views   2 years ago

“जानते को कल मैंने एक सपना देखा” “कुछ उत्पतंग ही देखा होगा” “हाँ हाँ सरे सही सपने तो तुम्हे ही आते हैं ना, जाओ नहीं बताती हुंह”

एक चिट्ठी की कहानी!

rishav   76 views   2 years ago

एक कहानी जो दरवाज़े पर पड़े एक ख़त में शुरू और खत्म हुई, जिसका पता चला बारह सालों के बाद!! क्या हुआ आगे!?

कनिया काकी

dhirajjha123   110 views   2 years ago

छोटा सा कद था , झुक कर चलती थी। शायद ज़िंदगी का बोझ उस से अब ढोया नही जाता था इस वजह से कमर भी झुक गई थी। सारा दिन चरखे में सूत कातती फिर उस सूत से जनेऊ बनाती।

​जी लूँ तुम्हारे अहसास संग

dhirajjha123   17 views   2 years ago

“क्या है कबीर ? अब आपको क्या हुआ । मान भी जाओ ना, अच्छा सुनो चलो आज हम कहीं घूम कर आते हैं । कोई अच्छी सी फिल्म देखेंगे और खाना बाहर ही खाऐंगे वो भी आपकी फेब डिश । हाँ जानती हूँ आपको मेरे और माँ के हाथ का ही।

चिरैया” जो मर कर भी उड़ती रही

dhirajjha123   256 views   2 years ago

भगलू ताऊ ने हुक्के का दम मारते हुए अपना हुकुम बजाया “101 क्या, पूरे 251 मिलेंगे, बस चिरैया बाई को नचवा दो । वो नाचेगी तबै मिलेंगे पैसे । बिना उसके नाचे तो चवन्नी ना मिलेगी”

Love; A Big Gamble!

Rajeev Pundir   16 views   2 years ago

Falling in love is natural. Where it's divine for one, it may turn out to be a curse for the other. People play games in love. So fall in love, but with caution--You may be used, misused, exploited, and ditched.

एक चिट्ठी उस कमज़ोर लड़की को जो अब कमज़ोर नहीं

dhirajjha123   22 views   2 years ago

कभी सोचा ही नहीं कि तुम्हारे बिना भी रहना पड़ सकता है । मगर समय है किस ओर करवट ले कौन जानता है इसीलिए चंद बातें जो तुम्हे कहना चाहता हूँ ठीक वैसे ही जब छोटे थे तब माँ घर से अकेले बाहर जाते हुए समझाती थी ।

इंतज़ार, उम्मीद, और विश्वास समेटे वो आठ साल

dhirajjha123   16 views   2 years ago

कुछ प्रेम कहानियों को शब्दों या किसी की कल्पना की ज़रुरत नहीं होती, वो खुद में एक गाथा होती है और ये कहानियां उन जंगली फूलों की तरह हैं जिन्हें सोच समझ कर सुन्दर बगिया में नहीं लगाया जाता यह किसी भी परिवेश किसी भी हालत किसी भी जगह बिना सोचे समझे अपने आप ही उग जाती हैं