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@dawriter

Ek Mulakat

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yug by  
yug

 

मुलाकात ( बिछड़े हुए रिश्तों से ) तुम किस का इंतजार कर रही हो ? मानव ने काजल से पूछा। काजल की आँखें नम हो गईं ,वो समझ नहीं पा रही थी कि वो मानव को क्या उत्तर दे। मन ही मन वो डर रही थी अपने लिए हुए फैसले से। काजल कब से दरवाजे की ओर देख रही थी, आज सुबह से ही किसी का इंतजार कर रही थी।

 

मानव ने काजल को कितनी बार पूछा लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। डोर बेल और फोन की रिंग दोनों साथ में बजी। काजल ने फोन उठाया। बहन तुम बुआ बन गई हो । दिव्या को दो जुड़वा बेटे हुए हैं। तुम अस्पताल आ जाओ,यहीं पर तुम मुझे राखी भी बांध देना।

 

काजल ने फोन रख दिया। और वो दरवाजा खोलने गई लेकिन तब तक वो इंसान जा चुका था। काजल ने मानव को बताया की वो अस्पताल जा रही है । अस्पताल में युग काजल का कब से इंतजार कर रहा था । युग ने अभी तक अपने बच्चों का चेहरा भी नहीं देखा था। युग चाहता था कि वो पहले काजल से राखी बंधवा ले। युग अपने बच्चों का चेहरा तो देख लो। काजल आ जाएगी। माँ वो मेरे बेटे नहीं हैं।

 

मैंने उन्हें किसी और को देने का वचन दिया है। मैं उनका चेहरा नहीं देखना चाहता क्योंकि अगर मैंने उन्हें देख लिया तो मेरा मन बदल जाएगा। युग तुम क्या बोल रहे हो ? दिव्या को जब ये पता चलेगा तो उस का क्या होगा? ९ माह तक उसने अपनी कोख में रखा उन्हीं बेटों को तुम किसी और को दान में दे रहे हो।

 

माँ दिव्या को भी पता है। मैं अपने बच्चों को किसी गैर लोगों को नहीं दे रहा हूँ । अपनी बहन को दे रहा हूँ और मैं सिर्फ अपना एक बेटा उसे दे रहा हूँ। तुम्हें तो खुशी होनी चाहिए। युग मुझे तुम पर विश्वास है कि तुम जो भी करते हो वो सही होता है। तुम एक बार अपने लिए हुए फैसले के बारे में सोच लेना। रिश्ते नाज़ुक होते हैं उसे टूट ने में देर नहीं लगती। माँ तुम्हें पता है ना मेरे लिए मेरी बहन से बढ़ कर कुछ नहीं है उसके लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ और रही बात बच्चों की तो तुम उनकी फिकर मत करो |

 

गायत्री ने युग को बहुत समझया लेकिन युग ने अपना फैसला ले लिया था। काजल को अपना एक बेटा दे दिया और उसका नाम रखा वेद और दूसरे का वंश। वक्त के साथ सबकूछ ठीक चल रहा था, लेकिन नियती को कौन रोक सकता है ? उपर वाले ने जो लिखा होता है उसे कौन मिटा सकता है। वंश बहुत बिमार पड़ गया, डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की लेकिन वो वंश को नहीं बचा सके।

 

वंश की मौत के बाद दिव्या बिलकुल अकेली हो गई थी इस लिए युग ने काजल को कहा कि कुछ दिनों के लिए वेद को दिव्या के पास ही रहने दे । वेद के आ जाने के बाद दिव्या खुश लग रही थी और वंश की मौत का दुःख भी वो अब धीरे धीरे भूल ने लगी थी। काजल को जब लगा की दिव्या ठीक हो गई है तो वो वेद को लेने गई लेकिन दिव्या ने उसे घर से बहार निकाल दिया और उसे कहा। क्या भिखारिन की तरह मांग ने आ गई हो।

 

ये मेरा बेटा है मैं इसे किसी को नहीं दे सकती। तुम्हें जो चाहिए वो मांग लो लेकिन मैं अपना बेटा तुम्हें नहीं दे सकती। तुम्हारे भाई ने जो कहा था उसे तुम एक सपना समझकर भूल जाओ। दिव्या को बहुत दुख लगा और उसने तैंय किया की वो आज के बाद कभी भी अपने भाई के घर की दहलीज पर पैर नहीं रखेंगी।

 

१८ साल बाद। ( अहमदाबाद-गुजरात ) मम्मी क्या छे तु ? क्या र नो हु तने बोलावु छू। आदि मैं स्टोररुम में सफाई कर रही हूँ। तने जो भूख लागी होई तो किचन मा तारा माटे खमण ढोकला राख्या छे। मम्मी मुझे भूख नहीं लगी है। मुझे तुमसे कुछ बात करनी है। वहां से क्यों बोल रहा है ? जो भी कहना है वो यहाँ आ कर बोल। आता हूँ मम्मी । आदि स्टोररुम में जाता हैं , लेकिन वहाँ पर दिव्या उसे सफाई कराने लग जाती है। सफाई करते वक्त आदि को कुछ तस्वीरें मिलती हैं। तस्वीरें लेकर वो अपनी माँ के पास गया। मम्मी ये तस्वीरें किसकी हैं ? तस्वीर को देखते ही दिव्या ने आदि के हाँथों से उन तस्वीरों को छीन लिया और उन्हें जला दिया । मम्मी आपने ये क्या किया ? कौन हैं ये सब लोग ?और आपने तस्वीरों को जला क्यों दिया ? आदि बस करो और कितने सवाल करोगे।

 

तुम्हें पैसे चाहिए ना ये लो और यहां से जाओ। आदि वहां से चला गया। काजल को डर लगने लगा था कि कहीं आदि को सबकुछ पता ना चल जाए।


काजल तुमने उन तस्वीरों को तो जला दिया लेकिन जो तुम्हारे दिल में यादें हैं उन्हें कैसे मिटा पाओगी ? मानव १८ साल बीत चुके है लेकिन फिर भी मैं उस दिन को नहीं भूल पा रही हूँ। हा मानती हूँ कि मैंने जो किया वो गलत है। युग और दिव्या ने मेरे साथ जो किया है उसे मैं कैसे भूल जाऊँ । आज भी युग को लगता हैं कि मेरी वजह से सबकूछ हुआ है।

 

मैं ही जानती हूँ कि क्या हुआ था उस दिन। मुझे ये समझ नहीं आ रहा है कि युग को मुझ पर विश्वास नहीं है। दिव्या के लिये मैं भी दुखी हूँ। एक रिश्ता बचा ने के लिये युग सारे रिश्तों को भूल गया। मेरे लिए मेरा भाई मर गया है। मेरे लिए उसके दिल में कोई यादें नहीं हैं। मैं आदि को कभी मुंबई नहीं जाने दूंगी क्यों कि जहां पर युग है वहाँ मैं अपने बेटे को नहीं जाने दे सकती।

जल्द ही भाग २

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