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@dawriter

यही तो इश्क है भाग-८

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nis1985 by  
nis1985

निशा की कलम से

【 यही तो इश्क है भाग-८】

" मंदिरी और आनंद की वो इश्क वाली नोकझोंक चल ही रही थी, हाय! उससे इश्क का रंग और भी गहरा हो रहा था दोनों के बीच, सच ही तो है जब हम किसी से बेशुमार मोहब्बत करने लगते हैं तो उस मोहब्बत की कशिश में बीच-बीच मे अगर थोड़ा इश्क वाली वो खींचा तानी न हो तो उस इश्क का क्या मजा, बस यही इश्क आनंद और मंदिरी के बीच पनप रहा था!

"अच्छा तो मंदिरी अब जल्दी से बता भी दो क्या मेरी वो ख़्वाहिश तुम कल पूरी करोगी न, मुझे बस एक बार तुम्हे जी भर के देखना है कल, फिर तो तुम मेरी जिंदगी में हमेशा के लिए आने ही वाली हो मेरी जान बनकर पर ये कमबख्त दिल नहीं मानता न, इसे कौन समझाए, ये तो पल-पल तुम्हारे दीदार के लिए तड़पते ही रहता है

" ओहो जनाब आज आप तो कुछ ज्यादा ही हमपे प्यार लूटा रहे हैं,आ जाये बस एक बार हमेशा के लिए आपके घर फिर आपको इतनी तड़प नहीं होगी मंदिरी ने मुस्कुराते हुए कहा!

"हा मंदिरी बस मैं उसी दिन का तो बेसब्री से इंतजार कर रहा हूँ, कि कब तुम दुल्हन बनके मेरे घर मे आओ और मेरा जीवन खुशियों से गुलजार कर दो, जब तुम पायल पहनी छन-छन करती मेरे पूरे घर मे चलोगी न मंदिरी, तो उस समय मुझे अपने घर साक्षात लक्ष्मी होने का एहसास होगा,और तुम्हारी चूड़ियों की खनक जो हरपल मेरे दिल को सुकूँ देगी न ,उस एहसास को तो मैं बयां भी नहीं कर सकता मंदिरी, तुम्हारे माथे का वो सिंदूर पल-पल मुझे तुम्हारे प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता रहेगा और तुम्हारे मेरे प्रति प्यार और समर्पण का भी, और तुम्हारे माथे की वो चाँद सी गोल बिंदी, उफ्फ फिर वो तो कयामत ही लाने वाली है समझो और तुम गीले जुल्फों को जब सुखाने के लिए तौलिये से झटकोगी और वो तुम्हारे कानो का झुमका उसमे उलझ कर जब तुम्हे परेशान करेगा न तब मैं तुम्हारे करीब आकर उन झुमकों को जुल्फों से आजाद करूंगा, वो पल कितना हसीन होगा न मंदिरी, हम्म और जब तुम किचन में जाकर अपनी एड़ियां उठाकर उन डब्बो को निकालने की नाकाम सी कोशिश करोगी और जब परेशान होकर मुझे आवाज लगाओगी न तब मैं बड़े प्यार से तुम्हे गोद मे उठाकर तुम्हारी मदद करूँगा उन डब्बों को निकालने में,,,हाय!बस मैं इन्ही पलो को तो जीना चाहता हूँ मंदिरी, तुम्हारी हँसी, गुस्सा, खिलखिलाहट सबकुछ अब महसूस करना चाहता हूँ मैं!

"आनंद की बाते सुनकर मंदिरी हँसने लगी, क्योंकि उसने पहली बार तो आनंद के इश्क को महसूस किया था,ये सब बातें अपने लिए सुनकर उसे थोड़ा अजीब लग रहा था और हँसी भी आ रही थी, क्या बात है जनाब आज तो पुराने हीरो के टाइप बड़े रोमांटिक बन रहे हो,,और आपके ये रोमांटिक शब्द, ओहो आज तो कयामत ही लाने वाले है

"हम्म मंदिरी ये सिर्फ शब्द ही नहीं मेरे दिल के एहसास है तुम्हारे लिए, शायद ये सब बातें तुम फ़ोन पे महसूस न कर पाओ पर जब तुम मेरी आँखों मे देखोगी न मंदिरी तब तुम्हे इन शब्दों की गहराई का एहसास होगा"

"मंदिरी शर्म से लाल होने लगी,मैंने आजतक तुम्हारी आँखों मे नही देखा हैं आनंद.

"अरे ऐसा क्यों मंदिरी? आनंद ने पूछा

"पता नहीं क्यों मुझे डर लगता है, घबराहट होती है, आनंद तुम्हारी आंखे इतनी प्यारी है, न तो ऐसा लगता है वो बोलती हुई हैं, मेरा भी दिल आ गया था जब पहली बार तुम्हे देखा था, तुम्हारी आंखों पर ही मेरी नजर गयी थी पहली बार

""अच्छा तो मतलब आपने इन आँखों को देखा है वो भी इतने ध्यान से आनंद ने मस्ती करते हुए कहा!
"जी हां देखा है और रोज देखती हूं सुबह - शाम हर पल क्योंकि तुम्हारी तस्वीर है मेरे पास

"ओहो क्या बात है,मतलब हमे भी कोई बेपनाह इश्क करने लगा है, देख लो मंदिरी तुम्हारा आनंद ओल्ड खयालातों का है पर एकदम गोल्ड हैं "

जी हां जनाब हम समझ चुके हैं कि हमारे आनंद गोल्ड है और आनंद मंदिरी जोर से हंस पड़े

"अच्छा ठीक है मंदिरी मन तो नहीं मान रहा पर मुझे न चाहते हुए फोन काटना पड़ेगा, मुझे आफिस जाना है, जल्दी से तैयार होना है, मैं कल शाम को घर आऊंगा, बस तुम रेडी रहना"

ओके बाबा जाओ अब, मैं कल तैयार रहूंगी और तुम्हारा इंतजार भी करूँगी, देख लेना अपनी मंदिरी को एकदम सजी -धजी, आई लव यू

"क्या, क्या कहा तुमने मंदिरी एक बार फिर से कहो मुझे सुनाई नहीं दिया या मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि जो तुमने कहा वो मैने सच मे सुना!

""मंदिरी हँसने लगी अरे बाबा तुम भी न, मैंने कहा आई लव यू

" मुझे सच मे विश्वास नहीं हो रहा मंदिरी तुम्हारे मुह से पहली बार ये शब्द सुनकर तुम तो मेरी जान ही ले लोगी आज, अब मेरा कही भी मन नहीं लगने वाला दिन भर ये शब्द मेरे कानों में घंटी की तरह बजते रहेंगे, कैसे काम करूंगा मैं पगला सा गया हूं तेरे प्यार में

"ओहो अब जल्दी जाओ और तैयार हो जाओ आफिस में बहुत कम होगा न, तो मन लगाकर करना, मैं तुम्हारी ताकत बनना चाहती हूँ आनंद कमजोरी नहीं, मंदिरी ने बड़े प्यार से बोला'

"मंदिरी की बाते सुनकर आनंद भावुक सा हो गया, तुम मेरी ताकत ही हो मेरी जान लव यू सो मच अपना ख्याल रखना समझी

"हा और तुम भी मंदिरी ने कहा --बस यही पे दोनों की बाते खत्म हो गयी..!!!

"तेरी बातो का मुझपर असर ये हुआ,
तू अजनबी से आज मेरी जान हो गया...
नींद भी लुट गई चैन भी खो गया,
तू अजनबी से आज मेरी जान हो गया...!!

क्योंकि यही तो इश्क है..!!!©

निशा रावल
बिलासपुर छत्तीसगढ़

यही तो इश्क है-१

यही तो इश्क है-२

यही तो इश्क है-३

यही तो इश्क है भाग-४

यही तो इश्क है भाग-५

यही तो इश्क है भाग-६

यही तो इश्क है भाग-७



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