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@dawriter

मजबूर प्यार

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* मजबूर प्यार *

रोज़ की तरह आफिस जा रही थी साक्षी और कानों में ईयरफ़ोन लगाए आज नए गाने सुन रही थी .." मैं फिर भी तुमको चाहूंगी ..इस चाहत में खो जाउंगी ,में फिर भी तुमको चाहूंगी ..! " और सुनते हुए तड़प कर भीगी आंखों से साक्षी ने फ़ोन उठाया और प्रतीक को मैसेज किया 

हेलो 

कैसे हो ?

कहाँ हो ?

तुरन्त रिप्लाई आया...

हाई , 

ठीक हूँ 

तुम्हारे दिल में...

"अच्छा ! अब कहाँ हो अब तो सिंदूर वाले हो गए हम किसी और की अमानत वो तुम्हारी मेहरबानी से .." 

खुद को सम्हालते हुए कटाक्ष को नज़रअंदाज कर प्रतीक ने लिखा -

"तो क्या हुआ जहां सिंदूर की जरूरत न पड़े वहां से तो तुम हमेशा ही मेरी हो और रहोगी 

"अच्छा ! बस बातें ही तो करना आता है तुम्हे ..! "

"न - न ,एक चीज़ और भी आती है आपको प्यार करना भी ..! 

" झूठ बोलते हो तुम ! आंसू पोछते हुए साक्षी ने लिखा

" सच बोल रहा हूं मैं ..! ..प्रतीक आंसू भर कर लिखता है।

" फिर शादी क्यों न की ...! 

प्रतीक ..घर की ओर देखकर लिखता है ..

" कहाँ रखता तुम्हे ? तुम महल में रहने वाली ..और मैं ..? 

"क्यो तुमने तो कहा था ..दिल मे रखोगे मुझे ? फिर क्यों मुकर गए उस दिन आये क्यों नहीं पापा से बात करने ? .बोलो , आपको प्यार करना आता है झूठे कहीं के  ..!  कठोर होते हुए लिखती है

"क्योकि, दिल में ए.सी. न लग सकता था न साक्षी ,और तुम्हे मैं ख्वाबो की दुनिया मे जीवन बिताने को नहीं कह सकता था, सच्चाई का धरातल बहुत कठोर था , जहां तुम जैसी कोमलांगी कुम्हला जाती , मेरी सच्चाई ये ही थी कि, मैं तुम्हारे सपनो का सफेद घोड़े पर सवार राजकुमार न था ..! तुम्हे तकलीफ होती तो प्यार उड़न छू हो जाता ..! और..! 

लिखते लिखते प्रतीक के आंसू सूखने लगे ।

"बस बस तुम तो बेकार की बातें लेकर बैठ गए..! अच्छा सुनो ..! मेरी याद आती है तुम्हे ? 

" .........…......! मौन 

" अरे क्या हुआ कुछ तो रिप्लाई करो ! अधीर होते हुए साक्षी ने लिखा

" नहीं ..! चिढ़ कर

"काश मैं तुम्हारे पास आ पाती..उड़कर ..! पर नहीं आ सकती कितनी मजबूर हूं मैं ..! कितनी भी कोशिश कर लूं तुम तक नहीं पहुच सकूँगी प्रतीक..! 

"तुम मेरे दिल मे ही हो ..! तुम मुझमे हो ,तुम्हे कोशिश करने की जरूरत नहीं है साक्षी ..! तुम क्यो नहीं समझती ....! बस मैं मजबूर था ....! प्यार के अतिरेक में प्रतीक ने लिखा ।

"अच्छा ..! ठीक है अब रखती हूं मैसेज डिलीट कर देना और हां सुनो तुम्हे झूठ बोलना नहीं आता ..! ये वाला गाना सुन लेना "ऐ मेरे दिल मुबारक यही तो प्यार है ..!"  साक्षी ने कुछ सुकून से कहा।

"ठीक है अपना ख्याल रखना ..! लगभग रोते हुए

"तुम भी ..!" मायूसी से

और सुनो मैसेज ध्यान से डिलीट कर देना तुम एक नम्बर की झल्ली हो ..! 

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-कविता जयंत श्रीवास्तव



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