19
Share




@dawriter

तेरी दुनिया से मै होकर मजबूर चला…!

0 1.15K       

सुनो अब तुम बदल गये हो, शायद अब तुम मुझसे दूर होना चाहते हो या कोई और मिल गयी होगी तुम्हें मुझसे बेहतर इसिलिए कहती थी न की मत जाओ दूर, कहीं ये दूरी हम दोनों मे दूरी न पैदा कर दे। लो हो गया न जो तुम चाहते थे, दूरी अच्छी लगती है न तुम्हें। तुम तो वो सारे वादें भी भुल गये होगे जो किये थे। प्यार… प्यार तो तुम्हें था ही नहीं मुझसे बस दिखावा करते थे, जाओ अब मुझे भी नहीं रहना तुम्हारी जिन्दगी मे नहीं करना मुझे एकतरफा प्यार, नहीं जताना मुझे अपनापन। मुझे पता है अब सोचो के चली जाओ, तुमसे बेहतर मिल जायेगी, तुम तो यही चाहते ही थे न की मै चली जाऊं जिन्दगी से तुम्हारी, चलो आज मुक्त कर दिया तुम्हें सारे बन्धनों से आजाद हो तुम अब उड़ सकते हो आजाद पंछी की तरह किसी बेहतर को ढूंढने जो मुझसे अच्छी हो और सिर्फ तुम्हारे लिये बनी हो। पिछले 5 दिनों से न फोन लग रहा है न किसी मैसेज का रिप्लाई जाना था तो बता दिये होते मै न रोकती कभी तुम्हें, जबरदस्ती कर रिश्ते बनाना नहीं आता भुल जाती तुम्हें, चलो देर से सही अपना रंग तो दिखा दिये। अलविदा अब कभी मैसेज नहीं करूंगी उम्मीद है तुम भी नहीं करोगे।

“अगले दिन एक और मैसेज आया” मै भी जा रही हूं, ढूंढने तुमसे बेहतर कोई मिल ही जायेगा, नहीं करना अब इन्तजार तुम्हरा।

7 दिन जिन्दगी मौत से जंग लड़कर आये आदर्श ने जब ये मैसेज देखा तो उसे बहुत दुख हुआ, वो बोल पड़ा काश मर गया होता तभी अच्छा था। आदर्श का बोलना था की बगल बैठे समीर ने उसे डांट के बोला, किसके लिये मरने की बात कर रहा है…? उस लड़की के लिये जो तेरा इन्तजार 7 दिन कर सकती, इन्तजार की तो छोड़ अगर इतनी ही फिक्र होता तो वो किसी और को फोन करके तो पुछ सकती थी..? किसी और की छोड़ वैसे तो बिना काम के मुझे फोन करके वो दस बार तेरे बारे पुछती थी इन 7 दिन मे नहीं कर सकती थी… या करना नहीं चाहती थी ? उसके लिये मरेगा जो कुछ दिन मे ही तुझसे बेहतर ढूंढने जा रही है, बात ये नहीं है की तू उसे नहीं चाहता बल्कि बात ये है की वो तुझसे दूर जाना चाहती है, तू कभी नहीं ढूंढा उससे बेहतर लेकिन वो पहले ही ढूंढ ली है तुझसे बेहतर, कोई फिकर नहीं उसे तेरी बस एक बहाना चाहिए था उसे तुझसे दूर जाने का जो उसे मिल गया। उसके लिये न मर। अब उनके लिये अपनी जिन्दगी जी जिसकी मिन्नत और मन्नत से आज तू ठीक हुआ उनके लिये जीना सीख जो दिन रात तेरे सिरहाने बैठ दिन-रात तेरे लिये आंसू बहाये। क्योंकि दोस्त 22 महीने के लिये 22 साल का प्यार को भुलाना कहां से सीखा भाई उनके लिये मरना छोड़ जिनको तेरी फिकर नहीं उनके लिये अब जी जो तेरे लिये मर भी सकते हैं। तभी आदर्श बोल पड़ा अरे समीर तेरा लेक्चर खत्म हो गया हो तो चले, 4 बजे डाक्टर ने बुलाया है। जीने का पाठ तो सीखा दिया अब चल जीने चलते है।

दोनो अस्पताल पहुंचे ही थे कि वेटिंग डेस्क पे आदर्श को उसकी….. हां उन्हीं की झलक दिख गयी, किसी के साथ बैठे हुये थे, शायद वो आदर्श से बेहतर था? आदर्श को देख वो नज़रे चुरा लिये, आदर्श का नम्बर आ गया था तो वो डाक्टर से मिलने‌ अन्दर चला गया, आदर्श के बाद का नम्बर उसका था, नर्स के बुलाने पे वो अन्दर चली गयी।

अन्दर जाते ही वो डाक्टर से पूछ बैठी, डाक्टर अभी जो आये थे उन्हें क्या हुआ है? डाक्टर की बातें सुन वो स्तब्ध रह गयी, जब डाक्टर ने बोला वो 7 दिन मौत से जंग लड़ उसे मात देकर वापस लौटा है, और वो जब ICU मे उससे मिलने जाता तो एक ही बात बोलता था डाक्टर मुझे बचा लो कोई मेरा इन्तजार कर रहा है उसके लिये। भगवान करे वो उसे मिल जाये।

वहां से निकल कर वो आदर्श को फोन लगाती है और कांलरट्यून बजने लगती है। तेरी दुनिया से होकर मजबूर चला. मै बहुत दूर… बहुत दूर, बहुत दूर चला। फोन बजकर बन्द हो जाता है और इधर उसके नज़रो के सामने, आदर्श के वादे यादें और बाते याद आने लगी। और वो खुद से बोल बैठी तुमसे बेहतर कोई नहीं।



Vote Add to library

COMMENT