mrinal

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वृद्धाश्रम

"झूठ और केवल झूठ! मेरा एक छोटा सा काम करने में तुमलोगों की नानी मर जाती है। दो महीने से कह रहा हूँ कि थोड़ा काशी ले चलो लेकिन नहीं! मेरे पेंशन पर पूरा हक है लेकिन मेरा ख्याल रखना नहीं हो पाता है इनसे।इससे अच्छा तो मैं वृद्धाश्रम चला जाता।"

कर्तव्यबोध

" बेटी! आंख से आँसू पोछते हुये कहा, शायद तू ही ठीक कहती है। मैं उसके पैर पकड़ लूँगा। पर तेरी शादी वहीं करूँगा जहाँ तू खुश रहेगी।"

इंसानियत

राजकुमार जी के चेहरे पर बढ़ती हैरत देखकर उसने आगे कहा "आज हम किसी की सहायता करने में सक्षम हैं इसलिए यह नहीं चाहते कि कोई और हमारे बाबूजी की मौत मरे।"

दीदी_की_शादी

१०वीं का रिजल्ट निकले हफ्ता बीत चुका था किंतु घर में फैला सन्नाटा अभी भी बाकी था। ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी की मौत हो गयी हो। रवि जिसके बारे में सब आशा कर रहे थे कि ९०% अंक लायेगा, वह फेल हो चुका था।

#आम

" पंकज भैया प्रणाम! कहिया आये दिल्ली से" "परसुऐ आये हैं। खूब खुश रहो। और क्या हाल चाल है?" " गाछी में आम तोड़ रहे हैं क्या?"

विवाह

पत्नी की तन मन धन से सेवा करते पुतोहू को देखकर उनका मन द्रवित हो गया और बेटा को गले लगाकर बोले," तुमने मेरी आँख खोल दी। हम नसीब वाले हैं कि ऐसी पुतोहू मिली हैं । हमें गर्व है तुम पर।

आरक्षण

जैसे ही आनन्द ने घर में कदम रखा, पिताजी की आंखों में दहकते अंगारों ने उसका जोरदार स्वागत किया। "कहाँ थे दो दिन तक?"

जबाब

जैसे ही बड़का ठेकेदार फटफटिया से उतरा, दुलरिया झटकती हुई उसके पास पहुँच गयी।

गुलटेन

मालिक,चार सौ से ज्यादा हो गया है आपके यहाँ। दे दीजिए ना, बड़ा दिक्कत चल रहा है। तड़ाक की आवाज़ से चाय दुकान पर बैठे सब लोग सहम से गये और गाल सहलाते हुये गुलटेन बाकी ग्राहकों को चाय देने लगा।

सिगरेट

आफिस से घर पहुंचते ही विवेक ने पूछा, बिटबा कहाँ है? पल्लवी ने नाराजगी दिखाते हुये कहा, आप बिटिया को बिटबा कहते हैं तो सब लोग हंसते हैं। लोगों को गोली मारो और बताओ बिटबा कहाँ है?

रिजल्ट

बारहवीं का रिजल्ट आने वाला था। जितनी बेचैनी सुरभि के मन में थी, उससे कहीं अधिक उसके पिता के मन में चल रही थी। दंगे की आशंका के कारण इंटरनेट पर प्रशासन ने रोक लगा रखा था।

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