ksingh777

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यादें......!!

मेरे मोहब्बत-ए-लफ्ज का बस इतना-सा अफसाना है, अल्फाज तो मेरे हैं, लेकिन उसमे किन्हीं और का जमाना है !!

बातें कुछ तुम्हारी.......!!

इस चाँदनी रात में भी चाँद छुपा-2 सा क्यूँ है, कहीं चाँद को तुमसे अभी तक मुलाकात नहीं हो पायी है क्या ,

कुछ अनकही बातें........!!

जब ये रातें तन्हाई भरी और खामोश सी होती हैं, जब महकी कुछ यादें आस-पास अपना सेहरा सजाती हैं, जब जिदंगी कोरे कागज सी महसूस होती है,

चल ,उठ और फतह कर !!

उठ,चल ,खड़ा हो ,एक दम और लगा , क्यूँ इस तरह निराश बैठा हैं......

जिदंगी में ईश्वर का दिया सबसे अनमोल उपहार....!!

आपने मेरे नन्हे नन्हे ऊँगलियो को पकड़कर चलना सिखाया था !!!!

"जारी रख"............. अभी बहुत कुछ बाकी हैं........!!

अभी भी सुरूआत कर ....... बहुत कुछ बाकी हैं.....!! अपने पंखो को खोल तु .......क्योकि अभी बहुत सारी उड़ाने बाकी हैं !!

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