उम्मीदों की कश्ती-५

सारी रात मुझे नींद नहीं आई। देर रात मैं उठकर कागज़ पर कुछ लिखकर कश्तियाँ बना रहा था। अगली सुबह मैं झरने की ओर भागा देखा तो अलख नहीं थी।

​चले आओ

तेजाबी बूंदों ने बना दिया है थोड़ा सा बदसूरत जो छटपटा रही है इस अनचेते हमले से

A DATE WITH DEPRESSION

I am so sleepy. Eye lids are heavy as wet winter blankets. Phone is ringing. I forgot to keep it off hook and I have only myself to blame for that. I have only myself to blame for many more things.

छोटी चिरिया

जहर घुला है चारो और कैसे सुकून मनाऊ चाहत है तेरी बस्ती में एक घरोंदा अपना बनाऊ !!

काश में दबी आह!

एक अधूरे प्यार की खैर में खुशी ढूँढती औरत और अपने ख्वाबों का क़त्ल कर चुके आदमी की कहानी।

​तुम्हारे बिना वो खुद खुद का भी नहीं

हर बात पर रूठना और रूठ कर कह देना कि अब जा रहा हूँ मैं

जाने वालों ज़रा, मुड़ के देखो इन्हें..!

देह से अधूरे है तो क्या आत्मा तो पूरी है न, मुस्कुराहटों में मिलावट तो नहीं है ना, इक सवाल अक्सर मन में उठता है कि विकलांग कौन? जिसकी देह अधूरी है वो या जिसे इश्वर ने देह तो सुन्दर दे दी लेकिन मन की सुन्दरता नहीं दिया ह्रदय में किसी के लिए प्रेम,?

सुकून की आस

एक स्त्री जो सामाजिक , पारिवारिक, शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना की शिकार हुई हो उस स्त्री की अंतिम आस को नज्म़ के रूप में पिरोने की कोशिश

पापा तुम्हारे नाम एक खत

पापा आप जानते हो मम्मी सुबेरे से चुप हो गयी है, कुछ खायी नई, कुछ बोलती नई । दिन भर आपको फोन करती रही आप फोन उठाये नई तो रोने लगी और आज तो टीवी में सिरियल की जगह न्यूज देखती रही । दादी भी चुप चाप बाहर वाले बरामदे में बैठी है जहाँ आपकी वो फ़ौजी ड्रेस वाली फोटो टंगी है ।

मां का नायाब मोती

swa
swa

वो झांककर बंगले में देखने की कोशिश कर रहा था, चार चक्कर लगा चुका था अगल-बगल पूरे बंगले के।

उम्मीदों की कश्ती- १

पिछली बारिश पहाड़ों से घिरे छोटे से कस्बे में मैं एक स्टडी टूर पर था, कुछ जड़ी-बूटियाँ खोजने गया था।यूथ हॉस्टल से सुबह-सुबह निकल पड़ता मैं।अभी अपने कमरे से बाहर ही आया था कि केयर टेकर ने आवाज़ दी- 'साब जी वो जन्तो के यहाँ पकोड़े बहुत अच्छे बनते हैं, लौटते में खाते आना, खाने में देर हो जाएगी

जब जड़ों में पनपता हो भेदभाव

भारत को डिजिटल इंडिया बनाने पहले कुछ सवालों के सकारात्मक जवाब तलाशने होंगे।

गरीबी की दिल कचोटती तस्वीर

जहाँ अमीरों के बच्चों के कई शौक और इच्छाएँ पूरे करने में दिन बीतते है वही गरीब बच्चों का पूरा दिन केवल खाने की तलाश में बीत जाता है. फिर जो कुछ भी मिलता है उसे भी मिल बाँट कर खाते है. ये गरीब बच्चें भी दिल के बड़े अमीर होते है. बस ऐसी ही कुछ स्थिति को अल्फाज़ देने की एक कोशिश.

तर्पण

वो दौड़कर कटोरी में गंगाजल ले आई । बटेसर सर पर हाथ धड़े वहीं बैठे रहे । भौजाई सुरक्षित दूरी से दुआरी पर खड़े होकर रमेसर से इहलोक से प्रस्थान का आग्रह कर रही थी और वीर रस की कविताओं से दलन के इस कंटक को मिटा डालने का आवाहन ।

कागा सब तन खाइयो........!

दुनियाँ के वे तमाम रिश्तें जो स्वार्थ , जरुरत , पर टिके हैं जो आपसे हमेशा कुछ ना कुछ लेने की बाँट ही जोहते हैं।

SUICIDE

SUICIDE .. 800000 people commit suicide Worldwide every year and approximately 135,000 are residents in india. Dont you think we should stop?? Talk to them .. force them to talk. Spread the awareness. Don't go away from them.. Let them feel someone is there to listen them.

कलरब्लाइंड साजन

हॉस्पिटल में हुई जांच में रूही को पता चला कि आशीष को झूठ बोलना आता है। वो कई महीनों से छोटा मर्ज़ मान कर अपने फेफड़ों के कैंसर के लक्षण छुपा रहा था, जो अब बढ़ कर अन्य अंगो में फैल कर अंतिम लाइलाज चरण में आ गया था। अब आशीष के पास कुछ महीनों का वक़्त बचा था। दोनों अस्पताल से लौट आये।

और फिर मनीशंकर भाग गया (एक कहानी युवाओं की)

अब वो अपने दायित्वों के निर्वाह से बिल्कुल नहीं डरता था और ना ही कहीं भाग जाने के बारे में सोचता था । कुल मिला कर वह अपनी उलझनों से बाहर निकल चुका था ।

A GOODBYE LETTER

#antisuicide Guys fight the bad times.. You will surely encounter a bright day after a murk night..! Thoughts of committing suicide are common but to combat them is more crucial! Remember Quiting is easy but it shows your cowardice. Your struggle will make u stronger .

बहाव के विरुद्ध

सपनों के शहर में सपनों को चकनाचूर होता देखने के बाद इन प्रतिभावान गायकों ने साधारण निजी नौकरियां पकड़ ली। दोनों तरफ से दर्ज हुए मामले या तो रद्द हो गए या अनिर्णीत घिसटते रहे। किसी भी केस में सुरजीत और देविका को सज़ा नहीं हुई थी पर झूठ इतनी बार दोहराया जा चुका था कि आम जनता आरोपों को सच मानती थी।

दिल की सुनो, दिमाग से चलो

दिल की बात सुनते हुए दिमाग से काम किया जाए तो सफलता की उम्मीद बहुत ज्यादा रहती है. दोनों ही हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.

विकिपीडिया और बिकाऊ मीडिया के पार की दुनिया

हरीश शांत स्वर में मेघना को समझाने लगे - “चिंता मत कर मेघू बेटे! ऐसे करियर बर्बाद होने लगते तो मैं कबका एक्टिंग छोड़ चुका होता। तेरा वीडियो मैंने देखा है। एक पार्सल भेजा है तुझे, बाकी फ़ोन पर नहीं समझाऊंगा। अपने मैनेजर और टीम को बुला ले उन्हें समझा दिया है, उनकी बात ध्यान से सुनकर वैसा ही करना… ”

उम्मीदों की कश्ती-७

बर्फीले तूफ़ान के गुज़रते ही हमने अपनी चढ़ाई शुरू की। अब धीरे-धीरे जैसे-जैसे हम ऊपर चढ़ रहे थे हमें ऑक्सीजन की कमी महसूस रही थी परन्तु अलख में पता नहीं कहाँ से एक नयी ऊर्जा का संचार हो गया था

"…और हमने उसे पत्थरों से मारा!"

"हैलो! आगरा फायर सर्विस स्टेशन।" "हैलो, यहाँ शाहगंज इलाके कि ट्रांजिट ईमारत मे लग गयी है आग..... जल्दी मदद भेजिए।" साइरन बजाती बढ़ रही थी फायर वैन, हर गुज़रते पल के साथ उसमे बैठे विकल का चैन, ईमारत वासियों पर गृहण सा लगा, उनकी उम्मीद का एकमात्र सहारा जाम में फंसा।