vivaah: ek nayi shuruaat

एक टूटा हुवा दिल,और उस टूटे हुवे दिल से प्यार करने वाली,उम्मीदों से भरी,आँखों में सपने सजाये हुवे एक नवविवाहिता...

जीवन

और दम लगा फिर दरिया को पार कर....

प्रेम व्यथा

मनुष्य के जीवन में मात्र उसके जीवित रहने हेतु,अन्न,वस्त्र,निवारा की अत्यंत आवश्यकता है,परन्तु-वास्तविकता जीवन की इन सब क्रियाओं से भी कही और भी महत्वपूर्ण हो जाती है,जब जीवन में प्रेम का आगमन हो जाता है। किंतु-आज का प्रेम मात्र युवक और युवतियों हेतु-मात्र शरीर की विलासिता का साधन रह गया है।

चल चलें

वह बचपन और उसकी यादें अकसर मेरे संग आंखमिचोली करती हैं। माना कि आज भी जीवन खुशहाल है पर वह बचपन वाली अमीरी सच में बहुत याद आती है।

जिन्दगी से कोई वादा तो नहीं था..!

तुम बिन जीने का इरादा नहीं था जिन्दगी। पर मैं अब तुम बिन ही जीना चाहता हूँ। अब मुझे तुम्हारी जरुरत भी नहीं | इस बार जिन्दगी बड़ी मायूस होकर मेरे पास से चली गयी। जिन्दगी तुमसे कोई वादा नहीं था मेरा। हाँ लेकिन तेरे बिना जीने का अब इरादा है मेरा। सुबह हो गया।

माँ ! माँ! मेरी माँ

मृत्यु के लिए कई रास्ते हैं पर जन्म लेने के लिए सिर्फ एक ……..माँ !

A CURSED CHILD

This story is about a boy who is devoid of her mother's love and remembers her on the mother's day. he craves for her but she is nowhere to be seen.

गुलटेन

मालिक,चार सौ से ज्यादा हो गया है आपके यहाँ। दे दीजिए ना, बड़ा दिक्कत चल रहा है। तड़ाक की आवाज़ से चाय दुकान पर बैठे सब लोग सहम से गये और गाल सहलाते हुये गुलटेन बाकी ग्राहकों को चाय देने लगा।

ज़िन्दगी कभी न, मुस्कुराई फिर बचपन की तरह....

कभी कभी मन करता है फिर से बच्चे बन जाये। बचपन के वही पल वही मस्ती फिर से जी जाये । जब जब मौका मिला कोशिश भी की। वही सब करने की, जो वही बचपन वाली अनिभूति दे जाये। खुशी तो मिली लेकिन बचपन नहीं !!

दर्द

एक शराबी ने दूसरे से कहा किस दर्द ने तुझे यहाँ लाया बता सृष्टि ने तुझसे क्या खेल रचाया

पिंजरा

उसको हर सोमवार के दिन आकर, पंछियों को स्वतंत्र करना सुहाता था। मुश्ताक़ की नज़र में वो बहुत भला आदमी था। पर भ्रम एक दिन सबके टूटते हैं।

Dadaji

A journey to America: this is a story how my mission to discovery of america met with a pathetic disaster. How even colambus was not spared by Mom.

खलनायिका

swa
swa

रिनी कभी अपनी मां को मां नहीं समझ पाई। जिस मां को उसकी मां के स्थान पर लाया गया था। उसने हमेशा सरला को एक सबसे बड़ी खलनायिका समझा और सरला कभी अपने आप को चाह कर भी अच्छी मां साबित नहीं कर पाई।

दानी

उसके पास जागीरें थीं। और वो कंगाल हो गया। लेकिन उसके चेहरे से मुस्कराहट न हटी। क्योंकि जीत फिर भी उसी की हुई थी।

मेरे कंधे से ऊपर भी मैं हूँ!

मेरे कंधे से ऊपर भी मैं ही हूँ, पर तुम देखते ही नहीं,

दिल की सुनो, दिमाग से चलो

दिल की बात सुनते हुए दिमाग से काम किया जाए तो सफलता की उम्मीद बहुत ज्यादा रहती है. दोनों ही हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.

और फिर मनीशंकर भाग गया (एक कहानी युवाओं की)

अब वो अपने दायित्वों के निर्वाह से बिल्कुल नहीं डरता था और ना ही कहीं भाग जाने के बारे में सोचता था । कुल मिला कर वह अपनी उलझनों से बाहर निकल चुका था ।

कागा सब तन खाइयो........!

दुनियाँ के वे तमाम रिश्तें जो स्वार्थ , जरुरत , पर टिके हैं जो आपसे हमेशा कुछ ना कुछ लेने की बाँट ही जोहते हैं।

"आज़ाद हूँ पर आज़ाद नहीं "

एक ऐसा हादसा जिसने बदली सोच ही नहीं ज़िन्दगी भी:-

पापा तुम्हारे नाम एक खत

पापा आप जानते हो मम्मी सुबेरे से चुप हो गयी है, कुछ खायी नई, कुछ बोलती नई । दिन भर आपको फोन करती रही आप फोन उठाये नई तो रोने लगी और आज तो टीवी में सिरियल की जगह न्यूज देखती रही । दादी भी चुप चाप बाहर वाले बरामदे में बैठी है जहाँ आपकी वो फ़ौजी ड्रेस वाली फोटो टंगी है ।

पुरुष आत्महत्या का सच

मर्द इतनी अधिक संख्या में आत्महत्या क्यों करते हैं। इसका एक बड़ा कारण...

काश में दबी आह!

एक अधूरे प्यार की खैर में खुशी ढूँढती औरत और अपने ख्वाबों का क़त्ल कर चुके आदमी की कहानी।

A DATE WITH DEPRESSION

I am so sleepy. Eye lids are heavy as wet winter blankets. Phone is ringing. I forgot to keep it off hook and I have only myself to blame for that. I have only myself to blame for many more things.

मै टूटता जा रहा हूँ..

arn
arn

हमेशा से बडे सपने पाने की चाह मे असफल शख्श के मन का दर्द