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sidd2812   146 views   2 years ago

रात एक बजे उस माँ को क्या सूझी कि कश्मीर में सोते अपने बेटे को जगा दिया। उस माँ को किसी अनहोनी की आशंका थी, जैसे कुछ बुरा होने वाला है

झुलसी दुआ (कहानी) #ज़हन

Mohit Trendster   147 views   2 years ago

उसकी दिनभर की थकान नींद से कम बल्कि घरवालों से घंटे-आधा घंटे बातें कर ज़्यादा ख़त्म होती थी। अक्सर उसने कितने लोगो को कैसे बचाया, कैसे बीमारी में भी स्टेशन आने वालो में सबसे पहला वो था, कैसे घायल पीड़ित के परिजन उस से लिपट गए...

विकिपीडिया और बिकाऊ मीडिया के पार की दुनिया

Mohit Trendster   65 views   2 years ago

हरीश शांत स्वर में मेघना को समझाने लगे - “चिंता मत कर मेघू बेटे! ऐसे करियर बर्बाद होने लगते तो मैं कबका एक्टिंग छोड़ चुका होता। तेरा वीडियो मैंने देखा है। एक पार्सल भेजा है तुझे, बाकी फ़ोन पर नहीं समझाऊंगा। अपने मैनेजर और टीम को बुला ले उन्हें समझा दिया है, उनकी बात ध्यान से सुनकर वैसा ही करना… ”

बहाव के विरुद्ध

Mohit Trendster   72 views   2 years ago

सपनों के शहर में सपनों को चकनाचूर होता देखने के बाद इन प्रतिभावान गायकों ने साधारण निजी नौकरियां पकड़ ली। दोनों तरफ से दर्ज हुए मामले या तो रद्द हो गए या अनिर्णीत घिसटते रहे। किसी भी केस में सुरजीत और देविका को सज़ा नहीं हुई थी पर झूठ इतनी बार दोहराया जा चुका था कि आम जनता आरोपों को सच मानती थी।

A GOODBYE LETTER

rumana7   10 views   2 years ago

#antisuicide Guys fight the bad times.. You will surely encounter a bright day after a murk night..! Thoughts of committing suicide are common but to combat them is more crucial! Remember Quiting is easy but it shows your cowardice. Your struggle will make u stronger .

कलरब्लाइंड साजन

Mohit Trendster   126 views   2 years ago

हॉस्पिटल में हुई जांच में रूही को पता चला कि आशीष को झूठ बोलना आता है। वो कई महीनों से छोटा मर्ज़ मान कर अपने फेफड़ों के कैंसर के लक्षण छुपा रहा था, जो अब बढ़ कर अन्य अंगो में फैल कर अंतिम लाइलाज चरण में आ गया था। अब आशीष के पास कुछ महीनों का वक़्त बचा था। दोनों अस्पताल से लौट आये।

तर्पण

kumarg   137 views   2 years ago

वो दौड़कर कटोरी में गंगाजल ले आई । बटेसर सर पर हाथ धड़े वहीं बैठे रहे । भौजाई सुरक्षित दूरी से दुआरी पर खड़े होकर रमेसर से इहलोक से प्रस्थान का आग्रह कर रही थी और वीर रस की कविताओं से दलन के इस कंटक को मिटा डालने का आवाहन ।

गरीबी की दिल कचोटती तस्वीर

rashmi   30 views   2 years ago

जहाँ अमीरों के बच्चों के कई शौक और इच्छाएँ पूरे करने में दिन बीतते है वही गरीब बच्चों का पूरा दिन केवल खाने की तलाश में बीत जाता है. फिर जो कुछ भी मिलता है उसे भी मिल बाँट कर खाते है. ये गरीब बच्चें भी दिल के बड़े अमीर होते है. बस ऐसी ही कुछ स्थिति को अल्फाज़ देने की एक कोशिश.

मां का नायाब मोती

swa   103 views   2 years ago

वो झांककर बंगले में देखने की कोशिश कर रहा था, चार चक्कर लगा चुका था अगल-बगल पूरे बंगले के।

जाने वालों ज़रा, मुड़ के देखो इन्हें..!

chandrasingh   24 views   2 years ago

देह से अधूरे है तो क्या आत्मा तो पूरी है न, मुस्कुराहटों में मिलावट तो नहीं है ना, इक सवाल अक्सर मन में उठता है कि विकलांग कौन? जिसकी देह अधूरी है वो या जिसे इश्वर ने देह तो सुन्दर दे दी लेकिन मन की सुन्दरता नहीं दिया ह्रदय में किसी के लिए प्रेम,?

The introvert's story

nandini   7 views   2 years ago

The life of a girl who likes to stay alone with her dreams to make them come true.

Let Me Be Me

poojaomdhoundiyal   8 views   2 years ago

This poem is a voice of every women who wants to live life she wants to live. She wants to be accepted as what she is. She wants to live her dreams and desires. She wand to ditch those invaded thoughts who are coming half way from behind to stop her from winning.

घर क्यों बन जाता है नरक

harish999   17 views   2 years ago

हम सत्ता पलटने और दुश्मन को धूल चटाने में माहिर है, तो फिर भी बच्चों को संस्कारवान बनाने में क्यों नाकाम साबित हो रहे है?

प्रसव पीड़ा

kumarg   36 views   2 years ago

छोटे किसान जब दलालों के चंगुल से बचने और अपनी फसल की उचित कीमत पाने की कोशिश में बाजार की तरफ बढ़ता है तो हर किसी को दिक्कत होने लगती है । ऐसे ही एक उत्पादक किसान की कहानी जो प्रचलित तरीके को छोड़ खुद अपनी फसल बेचने निकला है ।

Come here again

arahman   8 views   2 years ago

It's just an outcome of my thoughts on people leaving this world and leaving us alone.