LIFE

FILTERS


LANGUAGE

औरत का अस्तित्व

Mona Kapoor   18 views   1 year ago

औरत का हर रूप सम्मानीय है, उसे कमजोर ना समझते हुए उसकी इज्जत करें।

Mohra

alok   18 views   2 years ago

अब मेरी हालत ख़राब हो गयी थी । इस कारण नहीं कि मुझे एक अप्रत्याशित खुशी नसीब हुई थी, बल्कि इसलिये कि मुझे अब यह महसूस हो गया था, कि मोहरों को चलाने वाले हाथ कभी मोहरा नहीं बना करते

घर क्यों बन जाता है नरक

harish999   17 views   2 years ago

हम सत्ता पलटने और दुश्मन को धूल चटाने में माहिर है, तो फिर भी बच्चों को संस्कारवान बनाने में क्यों नाकाम साबित हो रहे है?

If I would be someone else !

mehrashanti   17 views   2 years ago

One fine morn , eyes peep into the mirror and she gets lost in a world , virtual yet which kept her spellbound and where all her torment was lost. But then she greets her own persona and then is compelled to ponder what if she would be someone ?

Adiue

uddipta321   17 views   2 years ago

"Adieu" is a poem about students saying goodbye to their college after spending some memorable years in it. AS they bid each other farewell, they recall how they would fight, argue but sort it out in the end. They sigh that they wont be able to roam across its alleys again.

माँ ! माँ! मेरी माँ

poojaomdhoundiyal   17 views   2 years ago

मृत्यु के लिए कई रास्ते हैं पर जन्म लेने के लिए सिर्फ एक ……..माँ !

​चले आओ

dhirajjha123   16 views   2 years ago

तेजाबी बूंदों ने बना दिया है थोड़ा सा बदसूरत जो छटपटा रही है इस अनचेते हमले से

​तुम्हारे बिना वो खुद खुद का भी नहीं

dhirajjha123   16 views   2 years ago

हर बात पर रूठना और रूठ कर कह देना कि अब जा रहा हूँ मैं

"ज़िन्दगी है"

ayushjain   15 views   2 years ago

"कहीं रोती ज़िन्दगी है कहीं हँसती ज़िन्दगी है

An eulogy for the girl who killed herself.

tanushree08   14 views   2 years ago

This post is about how a girl kills herself as her freedom is curbed, her heart is broken and her trust is shattered. Lonely and aloof, sad and depressed, she decides to end her moments of despair.

Prayer To Death

AJAY AMITABH SUMAN   13 views   11 months ago

This is a poem about a soul, who always tried to evade death by citing various reasons.

ज़िंदगी रोटी से चलती है, गोलियों से नहीं

harish999   12 views   2 years ago

हर कोई अपनी बीन ऐसे बजा रहा है जैसे जनता सांप हो और वो नासमझ खुद अभी अभी आसमान से टपका हो. चाहे कितना भी हंगामा कर लीजिये,

"…और हमने उसे पत्थरों से मारा!"

Mohit Trendster   12 views   2 years ago

"हैलो! आगरा फायर सर्विस स्टेशन।" "हैलो, यहाँ शाहगंज इलाके कि ट्रांजिट ईमारत मे लग गयी है आग..... जल्दी मदद भेजिए।" साइरन बजाती बढ़ रही थी फायर वैन, हर गुज़रते पल के साथ उसमे बैठे विकल का चैन, ईमारत वासियों पर गृहण सा लगा, उनकी उम्मीद का एकमात्र सहारा जाम में फंसा।

जब जड़ों में पनपता हो भेदभाव

harish999   11 views   2 years ago

भारत को डिजिटल इंडिया बनाने पहले कुछ सवालों के सकारात्मक जवाब तलाशने होंगे।

Mother-God In Flesh

troubleseeker11   11 views   2 years ago

A mother's feelings about her child as she grows old. The bond is described here.