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मै टूटता जा रहा हूँ..

arn   23 views   2 years ago

हमेशा से बडे सपने पाने की चाह मे असफल शख्श के मन का दर्द

That Lady

nischay   19 views   2 years ago

It always wondered me that what it's like to be the old person, who just waits for death to engulf his/her tedious and painful life.

बुर्का बेहया

Amritanshu Yadav   33 views   2 years ago

प्रचलित सामाजिक रूढ़ि एवं समाज मे फैली धार्मिक अराजकता पर तंज कसती हुई हिंदी के सबसे युवा रचनाकार की एक कृति..

प्रेम भूत

dhirajjha123   49 views   2 years ago

प्रेम है भई ! उसका क्या भरोसा कब , कहाँ , किसके साथ और किस उम्र में किस उम्र से हो जाये | ये तय होता तो हर कोई अपने लिये हीरो हिरोईनों को ही चुनता | फिर गाँव की गुंजवा , नैनतरवा , खुसिया भी सलमान खान को अपना साझा पति बना लेतीं |

लाउड स्पीकर

Piyush Shukla   29 views   2 years ago

लाउड स्पीकर का आविष्कार1900 में हुआ था किंतु 1935 सबसे पहले लाउड स्पीकर का उपयोग मस्जिदों के लिए किया गया था। मंदिरो के लिए इसका प्रयोग कब से किया गया इसके विषय में कोई जानकारी अभी तक प्राप्त नही हुई हैं। लेकिन एक लाउड स्पीकर औसतन 5 किलोमीटर के दायरे में अपनी आवाज को पहुचा सकता है।

स्तनपान

rishav   30 views   2 years ago

सामाजिक तबके कभी एक से दृष्टिकोण नहीं पाते! नज़र के साथ बदलते हैं। स्तनपान कराना क्या शर्म का मुद्दा है?

नारी का मन

sonikedia12   22 views   2 years ago

धू धू कर धधकता नारी का....... नहीं ...ये तन नहीं मन धधक रहा

दर्द-ए-वेलेंगटाइन

arn   25 views   2 years ago

और सोचने लगा की दो साल कालेज मे खपाने के बाद भी किसी भी लड़की ने उस जैसे हैंण्सम को अपना बायफ्रेंड क्यो नही बनाया...........

An eulogy for the girl who killed herself.

tanushree08   14 views   2 years ago

This post is about how a girl kills herself as her freedom is curbed, her heart is broken and her trust is shattered. Lonely and aloof, sad and depressed, she decides to end her moments of despair.

बंद होना करो संवेदनाओं के नाम पर अपना फायदा निकालने का ये खेल

dhirajjha123   3 views   2 years ago

हम सब की ज़िन्दगी में कभी न कभी कोई न कोई बड़ा हादसा हुआ होता है । जो हमें जब भी याद आये तो हम भावुक हो जाते हैं, कई बार क्रोध आता है तो कई बार अनसु निकल आते हैं ।

​शायद इसीलिए हम हैं चरित्रहीन

dhirajjha123   1 views   2 years ago

शायद इसीलिए हम हैं चरित्रहीन अगर यही है चरित्र का हीन हो जाना है तो हम बिना चरित्र के ही खुश हैं अपनी बेरंग दुनियां में

Adiue

uddipta321   17 views   2 years ago

"Adieu" is a poem about students saying goodbye to their college after spending some memorable years in it. AS they bid each other farewell, they recall how they would fight, argue but sort it out in the end. They sigh that they wont be able to roam across its alleys again.

मरणोपरांत आशीर्वाद

Mohit Trendster   29 views   2 years ago

बीमा एजेंट के अनुसार रविन्दु सामंत के सुसाइड नोट की लिखावट उनकी राइटिंग से पूरी तरह नहीं मिलती थी। पुलिस टीम द्वारा जांच के लिए कुछ सामग्री जप्त की गयी और थोड़े दिन के बाद नतीजे की पुष्टि की बात हुई।

"…और हमने उसे पत्थरों से मारा!"

Mohit Trendster   12 views   2 years ago

"हैलो! आगरा फायर सर्विस स्टेशन।" "हैलो, यहाँ शाहगंज इलाके कि ट्रांजिट ईमारत मे लग गयी है आग..... जल्दी मदद भेजिए।" साइरन बजाती बढ़ रही थी फायर वैन, हर गुज़रते पल के साथ उसमे बैठे विकल का चैन, ईमारत वासियों पर गृहण सा लगा, उनकी उम्मीद का एकमात्र सहारा जाम में फंसा।

No man can bring my visor to the ground

krishangisarma27   130 views   2 years ago

A poem based on the struggles that a woman goes through during her lifetime and how she handles everything