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@dawriter

"ज़िन्दगी है"

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ayushjain by  
ayushjain

 

"कहीं रोती ज़िन्दगी है
कहीं हँसती ज़िन्दगी है
कहीं ऊँचे मकानों में ज़िन्दगी है
कहीं आज भी सड़को पर ज़िन्दगी है"!!!

"कहीं लड़ती ज़िन्दगी है
कहीं लड़ाती ज़िन्दगी है
कहीं अपनों-अपनों में लड़ाती ज़िन्दगी है
कहीं आज भी अपने-सपनों से लड़ती ज़िन्दगी है"!!!

"कहीं खुदा की आवाज़ ज़िन्दगी है
कहीं खुद की आवाज़ ज़िन्दगी है
कहीं खोखली बातों में ज़िन्दगी है
कहीं आज भी हौसले और साहस की ज़िन्दगी है"!!!

"कहीं एक पैसे की ज़िन्दगी है
कहीं बरसते नोटों की ज़िन्दगी है
कहीं लुटाने की ज़िन्दगी है
कहीं आज भी लूटने की ज़िन्दगी है"!!!

लेखक:-"आयुष जैन"

 



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