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@dawriter

"आज़ाद हूँ पर आज़ाद नहीं "

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ayushjain by  
ayushjain

Written By:- AYUSH JAIN

एक ऐसा हादसा जिसने बदली सोच ही नहीं ज़िन्दगी भी:-

"कि"

"आज़ाद हूँ पर आज़ाद नहीं
मैं तो हूँ पर संस्कार नहीं"

दूसरों के विचारों को स्थान देना मुझे आता नहीं

सोच काफ़ी ऊँची तो है पर वैसा स्वभाव नहीं

"नारी तो हूँ पर आज इस शब्द का सही न्याय नहीं"

रहती थी कभी माँ की आँखों मे पर आज उन्हीं का सम्मान नहीं

"आज़ाद हूँ पर आज़ाद नहीं
मैं तो हूँ पर संस्कार नही!!!"



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