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@dawriter

मेरे शब्द

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कुछ खास नहीं, मेरे शब्द ही पहचान है मेरी
शब्द है तीर मेरे कवितायें ही कमान है मेरी
मै नहीं महारानी कोई ना कोई मेरी सियासत है
ये कुछ शब्द ही तो है जो मेरी विरासत है।
मै जो कहना चाहती हूँ मै बोलती हूँ इन शब्दो से
ये सिर्फ शब्द भर नहीं ये तो है जबान मेरी।
अपनो सपनो को बुनती हूँ पश्मीने की तरह
अपने विचारों को संजोती हूँ नगीने की तरह
मोती की तरह पिरोती हो अहसास इन शब्दो मे
ये सिर्फ शब्द भर नहीं ये तो खदान है मेरी।
जब बिखर जाती हूँ समेटती हूँ शब्दो मे खुद को
जब खो जाती हूँ कहीं ढूँढती हूँ शब्दो मे खुद को
बयाँ करती हूँ खुद को इन्ही शब्दो के जरिये
ये सिर्फ शब्द भर नहीं ये तो दास्तान है मेरी।।
ये शब्द मेरे जीवन की दिशा बन के रहे
ये शब्द सब बोल देते है बिन मेरे कुछ कहे।
ये शब्द हिम्मत है ताकत है मेरी।
ये शब्द उस खुदा को इबादत है मेरी
ये सिर्फ शब्द भर नहीं गीता है कुरआन है मेरी।।



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