42
Share




@dawriter

नारी का मन

1 19       
sonikedia12 by  
sonikedia12

धू धू कर धधकता
नारी का.......
नहीं ...ये तन नहीं
मन धधक रहा
हर दिन हर पल
कभी समाज के
नियमों से
कभी प्रतिकार से
कभी क्षोभ से
कभी अपमान से
धधकता
कभी स्नेह को
कभी विश्वास को
कभी आत्मसम्मान को
ये नारी का मन
ये सदा से ही
धधकता .........
जान ना पाया कोई
जानना ना चाहा किसी ने
क्यूँ इस जननी ने
हर पल धधकना सीखा ।



Vote Add to library

COMMENT