55
Share




@dawriter

दर्द

1 22       

एक शराबी ने दूसरे से कहा
किस दर्द ने तुझे यहाँ लाया
बता सृष्टि ने तुझसे क्या खेल रचाया
कहा उसने सब खेल मेरा ही रचा है
मेरी घूसखोरी ने ही मुझे यहाँ लाया
जिस संतान के लिए था लालच आया
उसने ही आज ये दिन दिखाया
कल तक दूसरो को लूटता था मैं
आज ये पैसा ही मुझे लुट गया
निकम्मा अपने बेटो को बनाया
इन पैसों ने ही आज रूलाया
जरूरतमंदो के जेब  खाली किया
बेबसो को हमेशा सताया
अब  पैसे ना देने पर
मेरे बेटे ही मुझे धमकाते हैं
घूसखोर कह कर बुलाते हैं ।
ऐसी हालत में ये शराब ही
मेरी दवा बन जाते हैं ।
मेरी दवा बन जाते हैं ।



Vote Add to library

COMMENT