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@dawriter

छोटी चिरिया

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पिंजरे में केद वो छोटी चिरिया
बाहर देख रही थी काले बदरा
उड़ जाने को वो बेकरार पर
जकड़ी है मजबूरियों की बेड़ियों में
नासूर भी खड़े है खिड़की खोले
मनो कह रहे हो मिट जाने को
हर समय चहकती रहती थी वो
पर अंदर से कुछ कटी हुए सी
मेने बोला
आ चल उड़ खुले गगन में
ये संसार तेरा भी है,
कौन तुझे रोक रहा है ?
मजबूरियां तो खाक होने तक होगी
सुन बाते मेरी वो भी उड़ चली मेरे साथ
ले दो सांसे सुकून की,लेकिन
एक पल में घबरा सी गयी वो
फिर आये उसी पिंजरे में
था हर कोई तैयार काटने को
उसके पंख वहाँ!!
#प्रियंका भाटी



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