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@dawriter

ख्वाहिशें तमाम

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ख्वाहिशों की फेहरिस्त लिख रही हूँ
जो पूरी हो जाये तो मज़ा आ जाये

(1)इक ऐसी बारिश की पुरज़ोर दरकार है
जो जज़्बातों की गठरी बहुत दूर बहा ले जाये

(2)इक ऐसी धुंध जो उम्मीदों को धुंधला कर जाये
सब तो दिखे पर अधूरे से किस्से ना नज़र आये

(3)इक मकां जिसमें बेपरवाही का कालीन सजाये
बिस्तर पर सुकूं के गद्दे,बेफिक्री की चद्दर बिछाये

(4)इक सर्द मौसम जो उंगलियों की कंपन बड़ा जाये
सुन्न करे इतना कि तेरी छुवन की तपिश खो जाये

(5)इक ऐसी गली कि दिल भूलभुलैया सा गुम हो जाये
वो भटकते भटकते तेरी हर एक तस्वीर गुमा जाये

(6)इक खिड़की जो उगते सूरज की ओर खोली जाये
खिली खिली धूप के साथ हर चेहरा रोशन हो जाये

(7)इक किताब जिसके अल्फाज मन को बयां कर जाये
कहानी में ज़िंदगी ,ज़िंदगी की कहानियाँ लिखी जाये

(8)इक टुकड़ा ज़िंदगी का जो उलझनों से जुदा हो जाये
किस्मतों की दुकान से लम्हें सुकूं के ख़रीद लिए जाये

(9)इक चाँद जो मिरी चुनरी में बिखर बिखर जाये
मैं मुट्ठी में थामू चूनर तो अंग अंग निखर जाये

ख्वाहिशों की फेहरिस्त थमा दी है
जो पूरी हो जाये तो मज़ा आ जाये



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