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@dawriter

काश ऐसा होता

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मै खुद मे खुद को ढूंढ पाती,काश ऐसा होता
मै मिल के खुद से फिर खो जाती,काश ऐसा होता।
क्या सपने है मेरे क्या मेरी हकीकत है
मै तुमको सब बताती,काश ऐसा होता।
जो बीते पल खुशी से,जो अतीत बन गए है
वो किस्से मै कभी तो तुम को सुनाती,काश ऐसा होता।
तुम मेरे करीब आते,मेरे दिल को बना कागज
तस्वीर तुम्हारी बनाती,काश ऐसा होता।
तुम डूबे थे अपनी परेशानियों के समंदर मे कही
मै तुम को समझ पाती ,काश ऐसा होता।
संग हूँ तुम्हारे,बन के साया मै तुम्हारा
तुम को ये बताती काश ऐसा होता।
मेरे दिल की गहराई मे बस तुम ही तुम बसे हो
मै तुम को दिखा पाती,काश ऐसा होता।
बीतता गया वक्त जिदंगी गुजर गई
मै वक्त रहते संभल जाती,काश ऐसा होता।

 



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