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@dawriter

औरत का अस्तित्व

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कुछ माँगा नहीं, कुछ चाहा नहीं,बस बदला खुद को, कि रिश्ता टूट न जाए कहीं।

आदतों को बदला, चाहतो को बदला,

भले मेरे अरमानो ने,अपनी करवट को बदला।

समनदर की एक बूंद, बन जाऊ भले,

बस समनदर में,मेरा अस्तित्व तो रहे।

धूल का एक कण‌ भी, मै बन ना सकी,

मेरे त्याग की, ओझल हो गयी छवि ।।

क्या खूब कहा हैं ना किसी ने, यह कुछ लाइनें औरत के सम्पूर्ण अस्तित्व को बयां कर गयी। औरत त्याग की मूर्त, हर हाल में स्वयम को बदलने वाली, अपने सपनों का त्याग करने वाली, हर किसी को खुश रखने वाली…..जितना कहा जाए उसके बारे में उतना कम है। हमारे समाज में औरत के प्रति हर पहलू देखने को मिलता है….

कही उसे घर की लक्षमी कह कर उसे सम्मानित किया जाता है तो कही दहेज के नाम पर जला दिया जाता है ऐसा क्यों????

मै औरत हूँ मुझे देवी भी कहा जाता है, तो कहीं घर की दासी बना कर रखा जाता है ऐसा क्यों????

मै एक बच्चे को जन्म दे सकती हूँ, पर कई बार मुझे ही जन्म से पहले ‌मार ही मार दिया जाता है ऐसा क्यों????

मै एक घर को पूरा करती हूँ, पर मुझे घर का बोझ भी समझा जाता है ऐसा क्यों????

मै कभी एक पत्नी व एक प्रेमिका होती हूँ, तो कभी मुझे वैशया बनाया जाता है ऐसा क्यों????

मुझसे घर की इज्जत होती है, पर कई जगह मेरी इज्जत को तार तार किया जाता है ऐसा क्यों????

मै अपने हर रिश्ते को निभाने की कोशिश करती हूँ, पर कुछ गलत हो जाता हैं तो मै मनहूस कहलायी जाती हूँ ऐसा क्यों????

मुझसे हर बात का जवाब माँगा जाता है, पर मुझे सवाल करने का हक नहीं ऐसा क्यों????

शादी के बाद बदलने की उम्मीद मुझसे, लेकिन ना कहने की‌ इजाजत मुझे नहीं ऐसा क्यों????

कहने को मै माँ,बेटी, बहू, बहन व दोस्त सब कुछ हूँ, पर जब रिश्तों की जिम्मेदारी की बात आती है तो मै कहीं अकेली ही रह जाती हूँ ऐसा क्यों????

मेरे नाम पर ‘वुमनस डे' मनाया जाता है, पर मेरा मन कोई कहाँ पढ़ पाता है ऐसा क्यों????

जैसी मिली है जिन्दगी उसे सिर झुकाकर जीना पड़ता है ऐसा क्यों????

मै औरत हूँ इस बात का मोल मुझे हर वक्त चुकाना पड़ता है ऐसा क्यों??????

यह कुछ ऐसे सवाल है जिनका जवाब औरत शायद आजतक जानने में असमर्थ रही है। इस सकारात्मकता व नकारात्मकता सोच के बीच दुनिया की हर औरत का जीवन किसी न किसी रूप में बोझ बन जाता है। वह ना होगी तो यह संसार किस तरह चल पायेगा?? वह सम्मान की हकदार है न कि अपमान की….उसके हर रूप का सम्मान करे कृपया करके अपनी सोच बदले व उसे गर्व महसूस ‌कराये।…… धन्यवाद ।



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