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@dawriter

ऐ जिंदगी

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 ऐ जिंदगी

वक्त थमा था जब तुम मिलने आयी थी,
गम गुम हुआ था जब तुम मिलने आयी थी।
वो पल बड़े थे लेकिन छोटे तेरे साथ हो गये,
कहा ढूंढू वो पल जो तेरे साथ होने पर खो गये।
वक्त की पहचान पहले न थी ऐ जिन्दगी,
कहा उस वक्त को ढूंढू बता दे तू ऐ जिन्दगी।
समंदर भी अब ठहरा हुआ लग रहा है, अब एक बूंद से भी पानी का गिलास भरा हुआ लग रहा है।
आधी गिलास का पानी न जाने कहां चला गया,
सपनों की दौड़ में न जाने कब मैं सो गया।
जागते ही फिर दौड़ पड़ा लेकिन तू ना मिली ऐ जिंदगी,
कहां अब तु सो गई बता दे मुझे ऐ जिंदगी।
पहले बहुत हंसा था लेकिन अब रोने की भी बारी मेरी ना रही,
पहले यम ने मुझे ना जगाया लेकिन अब मेरी आत्मा भी उसे भा रही।
अंतिम पलों में तुझसे कुछ मांगा ऐ जिंदगी,
अकेले में मेरा साथ तुम छोड़ना, सबके सामने रूलाना नहीं जिंदगी, सबके सामने रूलाना नहीं ऐ जिंदगी, सबके सामने रूलाना नहीं ऐ जिन्दगी।



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