36
Share




@dawriter

एक उम्मीद फिर से हारी

0 26       
emotionseeker by  
emotionseeker

 

मुबारक हो आप उम्मीद से हैं

इस उम्मीद को वो नौ महीने बड़े

जतन और उम्मीद से संजोती है

न जाने कितनी उम्मीद की दरवाजे खटखटाये थे

न जाने कितने नीम हक़ीमों के दर माथे टिकाये थे

न जाने कितनी कड़वी दवाओं का स्वाद चखा था

न जाने कितना तंत्र-मंत्र कर रखा था

सब उम्मीद से किया था

हर उम्मीद से उम्मीद जगी

तब जाके ये उम्मीद उगी

माँ बाप की उम्मीदों का उजाला घर आया

हर किसी ने उम्मीद से गले लगाया

जिए तू लंबी उम्र करे तू नाम रोशन

सबने इस उम्मीद का दीपक जलाया

उम्मीद फली उम्मीद फूली

उम्मीद ने राह चुन ली

पर एक दिन आया इस उम्मीद पे संकट

माँ बाप ने खटखटाया उम्मीद से अस्पताल का दर

अस्पताल ने उम्मीद जगाई डॉक्टर साहब आ गए हैं भाई

एक दिन रही उम्मीद कायम, दूसरे दिन बरता उमीद ने सयंम

तीसरे दिन उम्मीद ने दरवाजा खटखटाया

मुझे बचा लो जोर लगाया

न टूट जाये उम्मीद ये मेरी

ना उठ जाये तुमसे भरोसा

जीना है हमको अभी और थोड़ा सा

मुझ पर बहुत सी उम्मीदें टिकी हैं

पर उम्मीद ने कह डाला

हम पर भी तो न जाने कितनी उंम्मीदों का बोझ है

एक उम्मीद कम हो इसमें क्या दोष है

मत करो अब हमसे उम्मीद कोई

हम उम्मीद के चाचा हैं बाप नहीं

उम्मीद ने फिर से विनती की

उम्मीद ने फिर से सर झुकाया

उम्मीद ने सांस का तब दामन फड़फड़ाया

एक सांस बस एक सांस और उम्मीद ने आवाज़ लगाई

एक सांस और उम्मीद लगाई

पर बेवफा थी वो उम्मीद दगा कर गयी

वो उम्मीद का दामन छोड़ जन्नत को चल दी

जन्नत में बच्चे हैं इस उम्मीद से दरवाज़ा खोला

वरना पाक रूह की उम्मीद उसको नहीं है अब

आज तक न जाने कितनी उम्मीद हारी थी

पर फिर भी सब ठीक होगा उम्मीद रहती थी

पर आज सब उम्मीद हारी है

मेरी उम्मीद तेरी उम्मीद उसकी उम्मीद

सब पर हैवानियत पड़ी भारी है

बस अब तो एक ही उम्मीद बाकि है

शायद कयामत की राह आनी है

पर कहते हैं न जीना तो पड़ता है

अच्छी बुरी उम्मीद के साथ

उम्मीद ने ही उम्मीद संभाली है

एक गुजारिश है ए खुदा एक उम्मीद के साथ

रखना तू संभाल बड़े नाजों से उम्मीदों का दामन

कि टूटे भी तो तेरी गोद में आ गिरे

वरना फिर उम्मीद करने से भी डरे



Vote Add to library

COMMENT