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अस्तित्व : women struggle after marriage

kavita   286 views   9 months ago

एक स्त्री के विवाहोपरांत आत्म सम्मान से जुड़े संघर्ष की कहानी और उसमे जीवन साथी की भूमिका

कार्टून या साजिश?

kavita   285 views   10 months ago

आजकल बच्चो को मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही अश्लीलता के सम्बंध में प्रस्तुत है मेरे निजी विचार..!

वो चाय आज भी ड्यू है. (स्मृति शेष)

rgsverma   263 views   11 months ago

मैं अवाक रह गया पर उन्होंने आगे बताया कि , "इंटरव्यू उनका लिया जाता है जिनसे हम अपरिचित हों, न मेरी तुमसे कोई रिश्तेदारी है, न कोई व्यक्तिगत परिचय, पर तुम गज़ब लिखते हो, दिल से लिखते हो, सो भूल जाओ कि मैंने तुम पर कोई अहसान किया है. चयन तो तुम्हारा ही होना था, ..." मैं नि:शब्द हो गया.

मर्दानी

suneel   225 views   10 months ago

अपनी आरामगाह में धारदार हथियार के प्रवेश से दोनों लड़कियाँ सुन्न थी। पहली लड़की की आँखों में जहाँ डर नजर आ रहा था दूसरी ने शांत होकर अपना सिर गर्भ की दीवार पर टिका दिया।

नया सवेरा

ritumishra20   224 views   10 months ago

हर किसी के जीवन में हर रोज़ एक सवेरा होता है लेकिन एक सवेरा एेसा आया नीलू के जीवन में जिसने उसे उम्मीद की एक नई किरण ही नहीं दी बल्कि उसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

પ્રેમની સૌરભ

falguniparikh   214 views   8 months ago

વેલેન્ટાઈડ દે ને અલગ રીતે ઉજવવાનો આનંદ કેવો હોય તે સમજાવતી વાર્તા

“…और मैं अनूप जलोटा का सहपाठी भी था।”

Mohit Trendster   211 views   7 months ago

नशे से नज़र ना हटवा सके… उन ज़ख्मों पर खाली वक़्त में हँस लेता हूँ, मुफ़लिसी पर चंद तंज कस देता हूँ… बरसों से एक नाव पर सवार हूँ, शोर ज़्यादा करती है दुनिया जब… उसकी ओट में सर रख सोता हूँ।

जवान होते भारत में बुजुर्गों के लिए कोई आदर नहीं?

Maneesha Gautam   201 views   6 months ago

ये कैसा जावान भारत है जिसे अपने जडो़ से प्यार नही

सेक्स एजुकेशन

Sharma Divya   185 views   5 months ago

बच्चों के लिए सेक्स एजुकेशन को लेकर स्कूल और अभिभावकों की भूमिका होनी चाहिए इसे ही शब्दों में लिखने की कोशिश की है।

" एक उलझी सी पहेली "

Neha Neh   178 views   9 months ago

एक खूबसूरत सी कहानी जो जरूर आपको कुछ सीखा कर जायेगी।

कभी नीम नीम कभी शहद शहद...माँ का जायका

Maneesha Gautam   176 views   8 months ago

हर इंसान का स्वाद सामने वाले इंसान के हिसाब से ,परिस्थिति के अनुसार अलग अलग होता है।

कप्तान/कोच

kumarg   170 views   7 months ago

कुछ ही समय बाद वो फिर से मैदान पर था अबकि बार कोच की भूमिका में।

समझ

dhirajjha123   167 views   1 year ago

एक पुरानी रचना पर नज़र पड़ी तो सोचा आपकी नज़र भी कर दूँ। शायद कोई मुझ जैसा गलती करने से पहले संभल जाए।

चुभन

suneel   150 views   10 months ago

आदतन हिकारत से उठी शारदा की नजरें उस महिला के कपड़ो पर गयी। अलग अलग कतरनों को गाँठ बाँध कर बनायी गयी उसकी साड़ी उसके युवा शरीर को ढँकने का असफल प्रयास कर रही थी।

Social Harassment -Turns into mental violence (Let them rise too)

jhalak   142 views   11 months ago

Your words can change one's thinking ..so I wrote this. I want you to read it from the beginning to the end...make it end on paper but not in your mind.