देश तब मरता है !

काम चल जाता हो जब बातों-ख्यालों से। जूझना पड़ता न हो रोटी के सवालों से॥

अपेक्षाएं या आत्मविश्वास

अपेक्षाएं या फिर कह लीजिए उम्मीदे....हम्ममम्म इस शब्द से शायद कोई भी अछूता रहे, ये इंसानी फितरत का ही एक हिस्सा है, पर ये जो उम्मीदे या अपेक्षाएं होती है,अपनो से कितनी बढ़ जाती है ना!!!

आसमान बोलता है !

विश्वास है इंसान का, जो विपदाओं मॆं डोलता है।

......इंतजार करना

किसी को खामोश़ या बेबस समझ अक्सर लोग उसका फायदा उठाकर चले जाते है या बार बार उसे परेशान करते है जैसे कि वो कुछ प्रतिक्रिया कभी देगा ही नहीं. एेसी ही परिस्थिति में उस बेबस के मन के भाव जब उसकी खामोशी टूटने को तैयार हो जाती है.

ग़ज़ल-"बेकार की बातें न कर..."

व्यवस्था में विष घोलकर, उद्धार की बातें न कर।

बौड़मसिंह मर गया

बौड़म जलेबी खाने से मर गया? वाकई?

Insanity

What's wrong in being insane if it gives you more happiness than sanity.

रूपया बोलता है

धन की अधिकता और दुरूपयोग पर रूपये की ओर से इंसान को समझाने की कोशिश

A lesson from the Mute

This article talks about the baseless divisons our society has been segregated into. A division that is purely man-made.

चल ,उठ और फतह कर !!

उठ,चल ,खड़ा हो ,एक दम और लगा , क्यूँ इस तरह निराश बैठा हैं......

Silent Cries

This poem is an attempt to spread awareness about the atrocities faced by women in this modern age.

"thin strings left me paralysed"

This is a fiction story which will surely increase your heartbeat.

Respect Human

Respecting people not on the basis of gender but humanity.

मेरा देश बदल रहा है....

मेरा देश बदल रहा है मेरी खुद की नजरिया है.... मैंने खुद आंखों से देख रहा हूं जो चीज तारीफ के काबिल होती है उनकी तारीफ करनी चाहिए....

भूखें मरते हम

दुनिया भर में जितना भोजन बनता है, उसका एक तिहाई भोजन बर्बाद हो जाता है।

छोटे और ज्ञानी

ये हम पर है कि दुर्योधन बनना है कि युधिष्ठिर

शब्दों का महत्व

एक उभरती लेखिका का निवेदन इस समाज के हर व्यक्ति से।

उसे पढ़ना है

जहाँ हम शिक्षा में अंकों और प्रतिस्पर्धा की बहस में लगे हुए हैं वहीँ कुछ मासूम ऐसे भी हैं जो पढ़ना चाहते हुए भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। शिक्षा ही एकमात्र ऐसा अचूक बाण है जो हर बुराई हर नफरत हर भ्रष्टाचार, आतंकवाद ,हर असमानता , हिंसा या अमानवता को समाप्त कर सकती है।

उलटी चप्पलें

मुसीबत घने कोहरे सी थी। चारों ओर नक्सलियों से घिरा एक पुलिस थाना, जिसमें इंचार्ज से लेकर सिपाही तक सब नई भर्ती। पिछले सारे पुलिसिए एक नक्सली हमले में ख़त्म हो चुके थे। सिवाए एक हवलदार के।

बहनजी टाइप

swa
swa

8 दिन हो गये । सृष्टि जिद पकड़कर बैठी है । नौकरी करेगी। आख़िर उसकी डिग्री किस काम की है ? सिर्फ घर संभालती रहेगी? आखिर वो गोल्ड मेडलिस्ट है। ऋषभ बताओ मैं क्यों नहीं कर पाऊंगी नौकरी? कितनी लड़कियां करती है। तुम्हें क्या लगता है? मैं नौकरी और घर मैनेज नहीं कर सकती?

लाल चच्चा

मिट्टी के तन का सदुपयोग । जीवन के सोच को बदलते हुए

Sparkle!! Shine!!

Be your own superhero. Sparkle!! Shine!!

Just be who you are..

Be the one who you are. What other wants from you should not matter..

हादसा

swa
swa

वास्तविक घटना को कहानी का रूप देने की कोशिश की है ड्राइव करते समय सतर्कता बरतें।