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प्रतीक्षा उस दिन की

Manju Singh   578 views   1 year ago

देश की आज़ादी के इतने साल बाद भी औरत इस देश अपनी आज़ादी की प्रतीक्षा कर रही है ।

एक 'सलाम' ऐसी सोच को !

Kalpana Jain   495 views   1 year ago

ये कोई जरुरी तो नही जिन लोगों का नाम अखबार की सुर्खियों में हो, या जिन लोगों को कोई सम्मान मिला हो केवल उन्हीं लोगों को सलाम करना चाहिए, कभी कभी हमें ऐसे लोग भी मिल जाते है जिनकी कोई चर्चा नहीं होती परंतु वो जो काम करते हैं, उन्हें देख -सुन मन कहता है सलाम एेसी सोच को

सही फैसला

Kanupriya Gupta   431 views   1 year ago

रिश्तों की कश्मकश को एक नया आयाम देती कहानी जो औरत को अपने पैरों पर खड़े होने और रिश्तो को लेकर लिए गए सही फैसले से जुड़ी हुई है

रंगीन लिबास

abhidha   365 views   2 years ago

विक्रम हॉस्पिटल से अपने फ्लैट पर लौट आया।खाना खाने का मन नहीं था, चुपचाप रेडियो चलाया और बिस्तर पर लेट गया। रेडियो पर गाना बज रहा था- 'मैं कहीं कवी न बन जाऊँ तेरे प्यार में ऐ कविता' अबकी बार विक्रम ने अपने कान बंद कर लिए थे।।

दहलीज का अंतर

kavita   328 views   1 year ago

एक बेटी के बहू बन जाने, का अंतर ..समाज के लोगों के बीच फैला स्त्री के लक्ष्मी स्वरूप का वास्तविक रूप प्रस्तुत करता लेख

चलने का नाम ज़िन्दगी

suryaa   326 views   2 years ago

मुहब्बत में धोखा ख़ाने के बाद दुनिया से लड़कर सफ़ल होने वाली एक लड़की के सफ़र को दर्शाती हुई कहानी

अस्तित्व : women struggle after marriage

kavita   290 views   1 year ago

एक स्त्री के विवाहोपरांत आत्म सम्मान से जुड़े संघर्ष की कहानी और उसमे जीवन साथी की भूमिका

ललक

kumarg   289 views   1 year ago

नाक सिकोड़ते हुए बोली "ठीक है कल से कापी पेंसिल लेकर आ जाना। " बड़े ने प्रतिवाद किया "उसमें बहुत खर्चा है ऐसे ही आप जो बोर्ड पर लिखेंगी वही पढ़ लेगा। ज्यादा नहीं पढ़ना है हिसाब बाड़ी लायक पढ़ जाए बस। "

कार्टून या साजिश?

kavita   287 views   1 year ago

आजकल बच्चो को मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही अश्लीलता के सम्बंध में प्रस्तुत है मेरे निजी विचार..!

वो चाय आज भी ड्यू है. (स्मृति शेष)

rgsverma   264 views   2 years ago

मैं अवाक रह गया पर उन्होंने आगे बताया कि , "इंटरव्यू उनका लिया जाता है जिनसे हम अपरिचित हों, न मेरी तुमसे कोई रिश्तेदारी है, न कोई व्यक्तिगत परिचय, पर तुम गज़ब लिखते हो, दिल से लिखते हो, सो भूल जाओ कि मैंने तुम पर कोई अहसान किया है. चयन तो तुम्हारा ही होना था, ..." मैं नि:शब्द हो गया.

मर्दानी

suneel   226 views   1 year ago

अपनी आरामगाह में धारदार हथियार के प्रवेश से दोनों लड़कियाँ सुन्न थी। पहली लड़की की आँखों में जहाँ डर नजर आ रहा था दूसरी ने शांत होकर अपना सिर गर्भ की दीवार पर टिका दिया।

चिट्ठी - दादाजी के नाम (गहमर पंद्रह साल बाद)

abhi92dutta   226 views   11 months ago

चिट्ठी के रूप में दादा और दादी का संस्मरण।

नया सवेरा

ritumishra20   224 views   1 year ago

हर किसी के जीवन में हर रोज़ एक सवेरा होता है लेकिन एक सवेरा एेसा आया नीलू के जीवन में जिसने उसे उम्मीद की एक नई किरण ही नहीं दी बल्कि उसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

પ્રેમની સૌરભ

falguniparikh   217 views   1 year ago

વેલેન્ટાઈડ દે ને અલગ રીતે ઉજવવાનો આનંદ કેવો હોય તે સમજાવતી વાર્તા

“…और मैं अनूप जलोटा का सहपाठी भी था।”

Mohit Trendster   211 views   1 year ago

नशे से नज़र ना हटवा सके… उन ज़ख्मों पर खाली वक़्त में हँस लेता हूँ, मुफ़लिसी पर चंद तंज कस देता हूँ… बरसों से एक नाव पर सवार हूँ, शोर ज़्यादा करती है दुनिया जब… उसकी ओट में सर रख सोता हूँ।