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@dawriter

निश्चय

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निश्चय

"अम्मा ...हम न करब अबहिन बियाह ! अबहिन तो उ केसरिया का भी बियाह नहीं भवा ..ऊ तो हमसे चार बित्ते लंबी ..' अभी लाजो की बात आधी ही हुई थी कि-

"चुप रह नासपीटी ! तोहरे बप्पा के लगे एतना पइसा नाही कि, तोहका चार बित्ता अउर बाढ़इ देय...!" समझाय दो एहका..!
घरवाली को देख..
गुस्से से फनफनाते बिरजू ने गमछा फेंक कर बाहर जाते हुए कहा...। बापू के जाते ही लाजो ने अम्मा को हिला कर कहा..

"अम्मा..! तुम कुछु बोलती काहे नाही..? हमका अबहिन खूब पढय का अहै.. स्कूल वाली दीदी कहिन हैं ..तुम्हार नम्बर बहुतय अच्छा आवा है अबकी की परिच्छा मा..! "

सुरसतिया को तो जैसे होश ही नहीं ..उसकी आँखों मे अपने बचपन के मिट्टी के खिलौने और गुड़िया के खेल किसी फिल्म की भांति चल रहे थे..लाजो तो पढ़ने गयी और उसको तो पाठशाला भी नसीब नहीं हुई थी..! केवल बाहर से देख कर दो चार अक्षर लिखना सीखा था उसने जब बापू ने उसे लिखता देख..जोर की छड़ी लगाई थी ....! और जानबूझकर उसे शादी के बंधन में बांध दिया..फिर कच्ची मिट्टी सा शरीर और गृहस्थी की चक्की, माँ बनना इन सबमे उसका सब कुछ खो गया..! और आज लाजो के साथ भी यही हो रहा..! नहीं - नहीं ऐसा नहीं होने देगी वो ..

"अम्मा -अम्मा तुम कुछु बोलती काहे नाही ?
लाजो के शब्द उसके कानों पर हथौड़े जैसे बज रहे थे ..! आंखों में आंसू और दिमाग मे आंधी सी चल रही थी...! कि तभी सोचते सोचते एक नवीन आत्मविश्वास से इसका चेहरा दमकने लगा..! उसने अपनी लाजो के साथ ऐसा न होने देने का प्रण ले लिया ..! अचानक बिजली की तेजी से उठी और बाहर आँगन में लेटे बिरजू के पास गई..
" सुनत हो लाजो के बापू !

" हाँ बोलो ..अब का भवा ..कल के सब तैइयारी रख्यो ..काल लाजो का देखय खातिर लड़का वाले अइहैं..! कौनो नाटक न चाही हमका..!

" लाजो के बापू ! आज एक बात हमहू कहै चाहित है..
...( बिरजू ने हैरत से देखा..)
काल लाजो के परिच्छा है..जेमा ओका जाय देओ..और हाँ अबहिन लाजो का बियाह न करब हम ..उ पढ़ लिख जायी तो खुदय सब ओसे बियाह करय खातिर अइहैं..! मस्टराइन दीदी कहिन हैं ..लाजो पढय मा बहुत हुसियार है..!

बिरजू ने सुरसती के चमकते चेहरे को देखा ...जाने क्यों आज वो उसे कलुआ के पास वाले गली के मंदिर की दुर्गा मइया की प्रतिमा जैसी दिख रही थी..बिरजू डर सा गया ..और घबरा कर बोला
"ठीक अहै ठीक अहै.. ! जाओ अबहिन सोय जाओ रात बहुत गहराए गयी है..!

सुरसतिया ने भीतर आकर पास सोई लाजो के चेहरे को प्यार से देखा ..और उसे सीने से लगा के आज सुकून से सोयी।

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#stopchildmarriage

Image Source: thebetterindia



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