44
Share




@dawriter

चल ,उठ और फतह कर !!

2 25       
ksingh777 by  
ksingh777

 

 

उठ,चल ,खड़ा हो ,एक दम और लगा ,

क्यूँ इस तरह निराश बैठा हैं.... सोच, तूने जिदंगी के मुश्किल हालात तो पार कर लिए हैं,

फिर तू किसलिए हताश बैठा हैं .....

अगर चरों तरफ अंधेरा हैं ,तो उठ दीपक जला ,रोशन कर,

तू किसलिए चुपचाप बैठा हैं....

अगर सफर थोड़ा मुश्किल हैं,तो चल ,आहिस्ता ही चल,

यूँ बेप्रयास क्यूँ बैठा हैं....

हारना-जीतना तो फितरत हैं तेरी ,तो फिर एक और प्रयास कर,

यूँ गुमसुदा-सी क्या तलाश करने बैठा हैं.....

चल,हाँ चल ,उठ.... क्योकि ये कारवां भी गुजर जायेगा ,

ये मुश्किल वक्त भी गुजर जायेगा लेकिन ....

इतिहास उसी के नाम होगा जो मुश्किल के बावजूद समय के साथ मंजिल पर पहुँच जायेगा......!!



Vote Add to library

COMMENT