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@dawriter

खुदा का इंतज़ाम,मेरे लिये

2 15       
aksha by  
Aksha

 

मैंने तो अपने दर्द को पिरोया था लफ्ज़ो में,
लोगों ने उसको नज़म का नाम दे दिया|


मैंने तो लिया था लफ्ज़ो का सहारा,
और उन लफ़्जो ने मुझको उनका साथ दे दिया|


ना दे सका जो आराम इस दुनिया में कोई मुझे,
वो आराम इन चंद कागज के टुकड़ो ने दे दिया|


बयाँ कर गयी मेरा सारा दर्द ये कलम,
मानो लोगों को इसने मेरे जीवन का सार दे दिया|


शुक्रिया है तेरा,ऐ खुदा!जो तुने मुझे ये इंतज़ाम दे दिया
ना है अब मेरा इस दुनिया में कोई भी अपना,
क्योंकि इस इंतज़ाम ने मुझे,अपनों से भी प्यारा 'राम' का नाम दे दिया।।



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